महतारी का इस तरह वंदन कर रहे हैं भाजपा के कार्यकर्ता !



ऐसा फॉर्म भरवाना आचार संहिता का उल्लंघन भी

जगदलपुर (अर्जुन झा) :- वैसे तो भाजपा के बड़े नेता दम भरते रहते हैं कि भाजपा के लोग नारी शक्ति का पूरा सम्मान करते हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार ने संसद में महिला आरक्षण का जो बिल लाया था, उसे नारी वंदन अधिनियम नाम दिया गया है। मगर यहां हकीकत तो कुछ और ही बयां करती है। महतारी शब्द का अर्थ होता है मां। महतारी शब्द का प्रयोग छत्तीसगढ़ में नारी शक्ति को सम्मान देने के लिए भी किया जाता है, मगर इसी महतारी का भाजपा के लोग कितना सम्मान करते हैं, उसकी बानगी एक तस्वीर में साफ नजर आ रही है। इस तस्वीर में कुछ लोग शराब पीते दिख रहे हैं। ये लोग शराब पीने के दौरान चखना के रूप में इस्तेमाल किए जा रहे आलू चिप्स और आलूगुंडे को जिस कागज पर रखे हुए हैं, वह भाजपा की तथाकथित महतारी वंदन योजना के भरे हुए फॉर्म हैं। इस फॉर्म में पेन से महिलाओं के नाम भी लिखे हुए हैं। कहा जा रहा है कि शराब पीते दिख रहे लोग भाजपा से जुड़े हैं।

भाजपा ने छत्तीसगढ़ विधानसभा के चुनावों के लिए जो घोषणा पत्र जारी किया है, उसमें एक बिंदु यह भी है कि राज्य में भाजपा की सरकार बनने पर हर महिला को प्रतिमाह 1000 रु. दिए जाएंगे। छत्तीसगढ़ में आदर्श आचार संहिता लागू रहने के बीच भाजपा के नेता और कार्यकर्त्ता घर -घर जाकर महिलाओं को प्रलोभन देते हुए इस योजना का लाभ दिलाने के नाम पर महिलाओं से फॉर्म भरवा रहे हैं। दिनभर चौखट -दर -चौखट मत्था टेकते हुए महतारी की चरण वंदना करने वाले भाजपाई शाम ढलते ही उसी महतारी के नाम वाले फॉर्म पर चखना रखकर जाम छलकाने लग जाते हैं। इसी से अंदाजा लगाया जा सकता है कि महतारी यानि मातृशक्ति के प्रति भाजपाइयों की नजरों में कितनी इज्जत है।

आचार संहिता का उल्लंघन
छत्तीसगढ़ में अभी आदर्श आचार संहिता लागू है। ऐसे में घर घर जाकर प्रलोभन देते हुए महतारी वंदन योजना लाभ दिलाने के नाम पर इस तरह फॉर्म भरवाना आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन है। पूरे राज्य में भाजपा के लोग ऐसा कृत्य कर रहे हैं। ऐसे ही एक मामले को चुनाव आयोग ने संज्ञान में भी लिया है। महतारी वंदन योजना के फार्म को लेकर भले ही भाजपा की ओर से कितनी सफाई क्यों ना दे दी गई हो, लेकिन चुनाव आयोग ने इसे आचार संहिता का घोर उलंघन माना है। दुर्ग जिले के एक विधानसभा क्षेत्र के भाजपा प्रत्याशी को निर्वाचन आयोग ने नोटिस भेजकर जवाब तलब किया है। बताया गया है कि बीते 11 नवंबर को भाजपा प्रत्याशी और उनके कुछ कार्यकर्ता क्षेत्र में महतारी वंदन योजना का फार्म भरवा रहे थे, जिसे चुनाव आयोग ने मिथ्या ठहराया है। चुनाव के दौरान लालच देना, धमकाना या अफवाह फैलाना जैसे कृत्य आदर्श आचार संहिता के उलंघन की श्रेणी में आते हैं। महिलाओं को 1000 रुपए महीना देने का लालच देकर फॉर्म भरवाना भी इसी श्रेणी का कदाचार माना गया है। चुनाव आयोग ने इसे अवैध ठहराते हुए भाजपा प्रत्याशी को नोटिस भेजकर जवाब मांगा है। अन्यथा की स्थिति में लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 123 (2) के तहत कार्रवाई करने की बात कही गई है।

क्या कहता है अधिनियम
आरपीए 1951 लोक प्रितिनिधित्व अधिनियम की धारा 123 भ्रष्ट आचरण को परिभाषित करती है। इसमें रिश्वतखोरी, अनुचित प्रभाव, गलत जानकारी और उम्मीदवार द्वारा शत्रुता की भावना को बढ़ावा देना या बढ़ावा देने का प्रयास शामिल है। धारा 123 (2) अनुचित प्रभाव से संबंधित है जिसे यह किसी भी चुनावी अधिकार के स्वतंत्र प्रयोग में उम्मीदवार की ओर से किसी भी प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष हस्तक्षेप के रूप में परिभाषित करता है। धारा 123 में चोट पहुंचाने की धमकी, सामाजिक बहिष्कार और किसी जाति या समुदाय से निष्कासन भी शामिल हो सकता है। इन धाराओं के तहत होने वाली कार्रवाई से प्रत्याशी का फार्म भी निरस्त करने की कार्रवाई की जा सकती है।

फॉर्म की विश्वासनीयता पर सवाल
छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव की सरगर्मी के बीच पहले चरण का मतदान निपट चुका है, लेकिन ऐसा कोई फार्म पहले चरण के चुनाव के दौरान किसी भी विधानसभा क्षेत्र में नहीं भरवाया गया। जबकि 17 तारीख को होने जा रहे दूसरे चरण मतदान वाले विधानसभा क्षेत्रों में महतारी वंदन फार्म भरवाए जा रहे हैं। जिसमें घर घर जाकर महिलाओं से उनकी जानकारी लेकर फार्म भरवाया जा रहा है। दावा किया जा रहा है कि चुनाव के बाद हर महीने 1000 रुपए याने साल के 12000 रुपए उनके खाते में मोदी सरकार ट्रांसफर करेगी। लेकिन गौर करने वाली बात यह है कि इस फार्म में साथ भाजपा ने न ही किसी भी महिला का पहचान पत्र मांगा है और ना ही बैंक खाता से संबंधित कोई जानकारी चाही है। जोकि इस फार्म की विश्वसनीयता पर प्रश्नचिन्ह लगाता है। वहीं भाजपा नेता इसे सर्वे करार रहे हैं।

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