भाजपा कार्यालय में जीत का जश्न, कांग्रेस दफ्तर में मातम




जगदलपुर (अर्जुन झा) :- छत्तीसगढ़ विधानसभा के चुनाव परिणामों ने बड़े ही अप्रत्याशित रहे हैं। इन नतीजों ने राजनीति के प्रकांड पंडितों के होश उड़ाकर रख दिए हैं। वहीं भाजपा जश्न में डूबी हुई है, तो कांग्रेस दो दिन बाद भी सदमे से उबर नहीं पाई है। भाजपा कार्यालय में दूसरे दिन भी मिठाई बंटती रही पटाखे छोड़े जाते रहे। वहीं कांग्रेस कार्यालय में ताला जड़ा रहा।

छत्तीसगढ़ समेत बस्तर संभाग में जीत का परचम लहराने के बाद संभाग मुख्यालय जगदलपुर स्थित भाजपा कार्यालय में जश्न थमने का नाम नहीं ले रहा है। आतिशबाजी करने के साथ- साथ मिठाई बांटने का दौर आज दूसरे दिन भी चलता रहा। वहीं कांग्रेस कार्याल्य राजीव भवन में सन्नाटा छाया 3 दिसंबर दोपहर बाद से आज दूसरे दिन तक भी ताला लटका रहा। कांग्रेस के वो वरिष्ठ नेता जो चाय की चुस्की कांग्रेस दफ्तर में ही लिया करते थे, वो भी अज्ञात वास में चले गए हैं। किसी ने सोचा भी नहीं था कि विधानसभा चुनाव 2023 में कांग्रेस को इतनी करारी शिकस्त मिलेगी। राजनीति के तमाम प्रकांड पंडितों का यही अनुमान था कि इस बार छत्तीसगढ़ में कांग्रेस 2018 वाली अपनी ही जीत के रिकॉर्ड को ध्वस्त करते हुए देश की राजनीतिक इतिहास में नया अध्याय जोड़ेगी। तमाम सर्वे एजेंसियों का पूर्वनुमान भी कुछ इसी तरह के संकेत दे रहे थे। देश के सभी लोकप्रिय टीवी चैनलों में एग्जिट पोल्स का प्रसारण होने के बाद भाजपाई हताशा और निराशा के गर्त में जा चुके थे। वहीं कांग्रेसी खेमे में उल्लास बिखर पड़ा था। कांग्रेस के नेता और कार्यकर्ता खुशी से फुले नहीं समा रहे थे। जीत का जश्न मनाने के लिए सारी तैयारियां कांग्रेस नेताओं ने एक दिन पहले ही कर ली थी। तीन तारीख को दोपहर 12 बजे तक दोनों खेमों में यही आलम बना रहा। मगर जैसे जैसे रुझान आते गए, बयार उलटी बहने लगी। भाजपा के जो नेता और कार्यकर्ता घरों में दुबक से गए थे, वे अचानक निकल आए। जगदलपुर समेत तमाम गांव, कस्बों और शहरों में कमल की मुस्कान बिखरने लगी और कांग्रेसी खेमे में मातम पसरने लगा। जैसे जैसे धूप ढलती गई, भाजपाई जोश से लबरेज होते चले गए और कांग्रेसी कोमा की स्थिति में पहुंचने लगे। कांग्रेस नेता अपने पार्टी दफ्तर में ताला जड़कर चंपत हो गए। वहीं भाजपा कार्यालय गुलजार होता चला गया। कांग्रेस के लोगों को हार का सदमा ऐसा लगा कि दूसरे दिन भी दोपहर तक कांग्रेस भवन में ताला लटका रहा। भाजपा कार्यालय में दूसरे दिन भी बंटती रही मिठाईयां।
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बस्तर ने भर दी भाजपा की झोली
कांग्रेस के तमाम दावे, वादे और पूर्वानुमान को झुठलाते हुए बस्तरवासियों ने भाजपा की खाली झोली में वोटों की बरसात कर दी। मोदी और शाह की आंधी में कांग्रेस उड़ गई। बस्तर जिले में शहर से लेकर गांव तक जश्न का माहौल है, तो वहीं जिन विधानसभा क्षेत्रों में कांग्रेस के विधायक जीतकर आए हैं, वहां भी मातम छाया हुआ है। उन क्षेत्रों के भाजपा प्रत्याशियों की हार के बाद भी वहां के कार्यकर्ता अपनी जीत मानते हुए जश्न मना रहे हैं।संभाग मुख्यालय जगदलपुर स्थित कांग्रेस दफ्तर में नतीजे आने के दूसरे दिन भी दोपहर तक ताला लटका रहा।परिणाम के पूर्व शहर के चौक- चौराहों से लेकर कांग्रेस कार्यालय तक में चाय की चुस्की के साथ कांग्रेस के नेता अपनी जीत का दावा करते फिर रहे थे। मोदी और शाह की लहर के बाद कांग्रेसी नेता शहर के चौक चौराहों से गायब ही हो गए हैं। निगम, मंडलों में काबिज कांग्रेस के जो नेता अपने दम पर कांग्रेस को जीत दिलाने का दम भरते फिरते थे, वे भी अंडरग्राऊंड हो चुके हैं। यहां भाजपा के नेताओं को एक नसीहत या सलाह दी जा सकती है कि वे जनादेश को अपनी निजी उपलब्धि मान न बैठें, वरना 5 साल बाद बस्तर के मतदाता औकात बताने में पीछे नहीं रहेंगे। इसलिए जनादेश का सम्मान करते हुए जनापेक्षा की पूर्ति में ध्यान लगाएं।

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