इंसान की शक्ल में फरिश्ता हैं बस्तर के सांसद दीपक बैज….!



ओवरलोड के कारण जगदलपुर – हैदराबाद फ्लाइट की उड़ान में आई थी बाधा

तीन पैसेंजर्स को उतारने के बाद ही उड़ सकता था प्लेन

जगदलपुर (अर्जुन झा ):- भागम भाग और स्वार्थ से भरी इस दुनिया में आज कोई भी व्यक्ति अपने हिस्से का रत्ती भर भी जाया होने नहीं देना चाहता। पल पल को जी भरके जीने की लालसा अमूमन हर व्यक्ति में होती है। ऐसे में अगर कोई शख्स दीगर यात्रियों की सकुशल यात्रा के लिए अपने परिजनों की विमान यात्रा रद्द करवा दे, तो उस शख्स को फरिश्ता ही कहेंगे न? ऐसे ही फ़रिश्ते हैं बस्तर लोकसभा क्षेत्र के सांसद एवं प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज, जिन्होंने विमान में सवार हो चुके अपने भाई और अपनी दोनों बेटियों की यात्रा इसलिए रद्द करवा दी, ताकि बाकी यात्री सकुशल सफर कर सकें। इनमें से कई ईलाज के लिए, तो कई बहुत ही जरूरी कार्य से हैदराबाद जा रहे थे।

श्री बैज की दोनों पुत्रियां और छोटे भाई योगेश बैज भी जा रहे थे हैदराबाद जगदलपुर – हैदराबाद फ्लाईट से आज हैदराबाद जाने के लिए प्लेन में सवार हो चुके थे। प्लेन में ओवरलोड हो जाने के कारण पायलेट ने उड़ान भरने से साफ इंकार कर दिया था। पायलेट का कहना था कि किन्ही तीन यात्रियों को उतरना पड़ेगा, तभी प्लेन उड़ पाएगा। जैसे ही दीपक बैज को यह बात पता चली, तो उन्होंने तुरंत अपने परिजनों को यात्रा रद्द करने तथा टिकिट केंसिल करवाने को कहा, ताकि जहाज के बाकी यात्री स्वास्थ्यगत कारणों से एवं अन्य जगहों में अपनी उड़ान जारी रख सकें। उन्होंने अपने परिजनों को जहाज से उतर जाने के लिए भी संदेश भिजवाया। इसके बाद योगेश बैज अपनी भतीजियों और लगेज के साथ प्लेन से उतर गए। प्लेन में सवार अन्य यात्रियों को सांसद दीपक बैज के इस इंसानियत भरे कदम की जानकारी जैसे ही लगी, सभी नें ताली बजाकर बैज परिवार के प्रति आभार व्यक्त किया। ज्ञात हो की इससे पूर्व भी सांसद दीपक बैज हैदराबाद से जगदलपुर की हवाई यात्रा कैंसिल होने पर सभी यात्रियों के लिए हैदराबाद एयरपोर्ट में धरने पर बैठ गए थे। दूसरे दिन स्पेशल फ्लाइट से सभी यात्रियों को वे जगदलपुर लेकर आए थे। तब श्री बैज ने सभी यात्रियों के रहने और खाने की व्यवस्था भी करवाई थी। आज फिर सांसद श्री बैज के ऐतिहासिक निर्णय का लोगों ने स्वागत किया है और कहा है हमें गर्व है सांसद के रूप में नेक इंसान मिलने पर।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *