सुपर स्पेशसलिटी हॉस्पिटल कोनी में वैस्कुलर सर्जन और विशेषज्ञ डॉक्टरों की दरकार
रायपुर। छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य सुविधाएं बढ़ाने के लिए शासन द्वारा व्यापक प्रयास किए जा रहे हैं। राजधानी में एम्स अस्पताल खुल जाने से कई जटिल रोगों का इलाज कम खर्चे पर होने से दूर- दूर के मरीज इलाज के लिए रायपुर आ रहे हैं। इसी को देखते हुए राज्य शासन ने छत्तीसगढ़ के दूसरे सबसे बड़े शहर बिलासपुर में सुपर स्पेशलिटी अस्पताल का निर्माण करवाया है। यह अस्पताल बिलासपुर के कोनी क्षेत्र में बना है। जानकारी मिली है की यहां सभी रोगों के विशेषज्ञ डॉक्टरों की नियुक्ति की जाएगी, लेकिन कुछ विशेषज्ञ सर्जनों की नियुक्ति पर विभाग का ध्यान नहीं जा पा रहा है। इसमें एक वैस्कुलर सर्जन की नियुक्ति की बात है जबकि वैस्कुलर की तकलीफ से अनेक मरीज पीड़ित हैं। जिनका उपचार कार्डियो वैस्कुलर सर्जन व अन्य सर्जन से करवाया जा रहा है।
यदि विशुद्ध रूप से डीएनबी वैस्कुलर सर्जन की नियुक्ति बिलासपुर के अस्पताल में हो जाती है, तो मरीज का उपचार बेहतर ढंग से हो सकता है। जानकारी मिली है कि अभी छत्तीसगढ़ के किसी भी बड़े अस्पताल में वैस्कुलर सर्जन नहीं है। जबकि प्रदेश में वैस्कुलर सर्जन उपलब्ध हैं।अतः शासन को चाहिए कि वैस्कुलर व्याधि से पीड़ित मरीजों को यदि वैस्कुलर सर्जन के माध्यम से उपचार हो तो लोग लाभान्वित होंगे। अतः बिलासपुर के सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में वैस्कुलर सर्जन की भी नियुक्ति कर पीड़ित लोगों को राहत पहुंचाने के काम में शासन उचित कदम उठाए। ज्ञात रहे कि वैस्कुलर सर्जन उपलब्ध हो जाने से वेरीकोज वेन, डायबिटिक फुट, गैंगरीन एक्सीडेंटल वैस्कुलर रिपेयरिंग (आर्टरीज एवं वेन) एन्यूरिस्म जैसी गंभीर समस्या का इलाज स्थानीय स्तर पर हो जाएगा। अभी इसके लिए महानगरों में जाना पड़ता है। वर्तमान में वैस्कुलर सर्जरी का कार्य कार्डियो वैस्कुलर सर्जन से लिया जा रहा है, जो उपरोक्त बीमारी एवं सर्जरी में पूर्ण दक्ष नहीं है।
