बहुत तोड़ ली मुफ्त की रोटी, अब करनी होगी स्कूलों में जमकर ड्यूटी
-अर्जुन झा-
जगदलपुर। बस्तर जिला शिक्षा विभाग के विभिन्न दफ्तरों में बैठकर अब तक बैठे ठाले वेतन लेते आ रहे शिक्षकों को अब स्कूलों में ड्यूटी बजानी होगी। जिला शिक्षा अधिकारी ने ऐसे शिक्षकों की तैनाती अब शालाओं में कर दी है। कांग्रेस शासन काल से नेताओं की तरह आराम की जिंदगी गुजारते आ रहे इनमें से कुछ शिक्षकों ने अपने ताबदले को लेकर राजनीति भी शुरू कर दी है।
तबादले से बकावंड विकासखंड के शिक्षक ज्यादा प्रभावित हुए हैं। शिक्षकों के स्थानांतरण से अब राजनीति भी गर्म हो गई है। बस्तर विधानसभा क्षेत्र में कार्यरत बस्तर के विकासखंड शिक्षा अधिकारी, सहायक खंड शिक्षा अधिकारी सहित 16 शिक्षकों और बाबुओं का स्थानांतरण जिला शिक्षा अधिकारी जगदलपुर द्वारा आचार संहिता के पूर्व प्रशासनिक आधार पर किया गया था। सूत्रों के अनुसार इनमें ऐसे शिक्षक शामिल हैं, जिनका अध्यापन कार्य से दूर दूर तक कोई लेना देना नहीं रहा है। जबकि उनका मूल पद शिक्षक का ही है। कांग्रेस शासन के दौरान इन शिक्षकों ने अपनी राजनीतिक पहुंच के दम पर अपनी नियुक्ति सीएसी, छात्रवृत्ति प्रभारी, बाबू, कार्यालय में नोडल अधिकारी के रूप में करवा ली थी। इन्होंने कई वर्षो से चॉक तक नहीं पकड़ी थी और न ही बच्चों की क्लास ली थी। ट्रांसफर होने के बाद अब इन्हें बच्चों की पढ़ाई के बोझ की और परीक्षा की चिंता सताने लगी है। पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार मे ऊंची पहुंच के कारण कई बार शिकायत होने के बावजूद उन्हे उनके मूल पद पर वापस भेजने की पहल नहीं की गई। जिन बाबुओं का स्थानांतरण हुआ है उनके खिलाफ भी लगातार शिकायतें की जा रहीं थीं। शिक्षिकाओं के मातृत्व अवकाश की स्वीकृति और अन्य छोटे मोटे कार्य भी बिना लेनदेन के नही होते थे। जिला शिक्षा अधिकारी ने अपने प्रशासनिक अधिकारों का इस्तेमाल करते हुए इन सभी का स्थानांतरण कर दिया है। ताकि ये चुनाव को प्रभावित न कर सकें और लोकसभा चुनाव निष्पक्ष हो सके। जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय से जुड़े सूत्रों का दावा है की अभी और भी ऐसे ही तबादले किए जाएंगे। दूसरी ओर कांग्रेस से जुड़े एक गुट का दावा है कि कांग्रेस कार्यकाल में शिक्षकों के ट्रांसफर मामले में इन्ही लोगो ने सैंकड़ो शिक्षकों को अपना निशाना बनाकर उनसे ट्रांसफर के नाम पर कई लाख रुपए वसूल लिए थे। ट्रांसफर न होने की दशा में रकम वापस मांगने पर पूर्व कांग्रेस मंत्री और पूर्व विधायक का डर दिखाकर उनका राशि को हजम कर गए। अब मिली जानकारी के अनुसार बस्तानार, तोकापाल विकासखंड के भी ऐसे ही कामचोर शिक्षकों की लिस्ट सामने जल्द सामने आ सकती है, जो पिछले पांच वर्ष ऐसी ही हरकत में अपने मूल पेशे से दूरी बनाकर केवल वसूली कार्य मे लिप्त रहे हैं। देर ही सही बीजेपी सरकार के आते ही प्रशासनिक अधिकारी सक्रिय होकर शिक्षा की अलख जगाने में लग गए हैं। प्रभारी डीईओ की इस विभागीय सर्जरी की लोग जमकर सराहना कर रहे हैं।
इन शिक्षकों हुआ है तबादला
बस्तर जिला शिक्षा विभाग में हुए स्थानांतरण के लपेटे में प्रायः सभी शिक्षक बकावंड विकासखंड के हैं। माध्यमिक शाला कोरटा के प्रधान अध्यापक दयानाथ कश्यप को सहायक खंड शिक्षा अधिकारी के पद पर खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय बकावंड में सालों से पदस्थ रहे हैं। स्थानांतरण सूची के मुताबिक अब उन्हें लोहंडीगुड़ा विकासखंड की माध्यमिक शाला बोदली में पदस्थ किया गया है। बकावंड ब्लॉक के मिडिल स्कूल तारावंड मिडिल स्कूल के प्रधान पाठक नवीन बघेल को लोहंडीगुड़ा ब्लॉक की पूर्व माध्यमिक शाला सुरगुड़ा में पदस्थ किया गया है। बकावंड ब्लॉक अंतर्गत माध्यमिक शाला गारेंगा के प्रधान पाठक प्रेम बघेल को लोहंडीगुड़ा ब्लॉक की माध्यमिक शाला कोड़ेनार में प्रधान पाठक पद पर तैनात किया गया है। विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय बस्तर में अब तक बाबूगिरी करते आ रहे शिक्षक शैलेंद्र तिवारी को लोहंडीगुड़ा विकासखंड की माध्यमिक शाला गवारछापर मिचनार में पदस्थ किया गया है। विकासखंड स्त्रोत समन्वयक बकावंड में पदस्थ खंड स्त्रोत समन्वयक अनिल पाण्डेय को लोहंडीगुड़ा विकासखंड की पूर्व माध्यमिक शाला एरमुर में पदस्थ किया गया है। बकावंड ब्लॉक की पूर्व माध्यमिक शाला पोलेबेड़ा के शिक्षक चंद्रशेखर पाण्डेय को लोहंडीगुड़ा विकासखंड की पूर्व माध्यमिक शाला टेटम भेज दिया गया है। मिडिल स्कल जैबेल -1 के शिक्षक मिरीराम देवांगन की पदस्थापना लोहंडीगुड़ा विकासखंड अंतर्गत मिडिल स्कूल जडीगुड़ा तोयर में पदस्थ किया गया है। इसी तरह बकावंड ब्लॉक की माध्यमिक शाला बारदा के शिक्षक रियाज मो. खान को लोहंडीगुड़ा ब्लॉक के मिडिल स्कूल बोंजापारा मिचनार में पदस्थ कर दिया गया है।
