सुकमा जिले में अपनी जिंदगी की नई शुरुआत के लिए फिर 8 नक्सलियों ने आगे बढ़ाए कदम
-अर्जुन झा-
जगदलपुर। बस्तर संभाग के सुकमा जिले में नक्सली अब बड़े पैमाने पर अपनी जिंदगी में नई सुबह लाने के लिए नई शुरुआत करने लगे हैं। जिले में नक्सलियों के आत्मसमर्पण का सिलसिला लगातार जारी है। इसी कड़ी में आज और आठ नक्सलियों ने आत्मसमर्पण कr दिया।
छत्तीसगढ़ शासन की नक्सलवाद उन्मूलन नीति तथा सुकमा जिला पुलिस द्वारा चलाए जा रहे पूना नर्कोम अभियान नई सुबह, नई शुरुआत से प्रभावित होकर एवं अंदरूनी क्षेत्रों में लगातार सुरक्षा कैंप स्थापित किए जाने से लगातार नक्सली आत्मसमर्पण कर रहे हैं। आज इन नक्सलियों को आत्मसमर्पण हेतु प्रोत्साहित कराने में सीआरपीएफ की दूसरी एवं 226वीं वाहिनी की आसूचना शाखा व थाना कुकानार स्टाफ और नक्सल सेल इंटेरोेगेशन शाखा का र
विशेष प्रयास रहा है। बस्तर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक सुंदरराज पी., दंतेवाड़ा रेंज के उप पुलिस महानिरीक्षक कमलोचन कश्यप, सीआरपीएफ के उप महानिरीक्षक हरजिंदर सिंह (परि.) सीआरपीएफ रेंज जगदलपुर, अरविंद राय उप महानिरीक्षक (परि.) सीआरपीएफ रेंज सुकमा के मार्गदर्शन एवं सुकमा के पुलिस अधीक्षक किरण चव्हाण, रतिकांत बेहेरा, कमांडेंट द्वितीय वाहिनी सीआरपीएफ, कुलदीप कुमार जैन कमांडेंट 226वीं वाहिनी सीआरपीएफ के निर्देशन तथा सुनील कुमार राही द्वितीय कमान अधिकारी 226वीं वाहिनी सीआरपीएफ, अनामी शरण, द्वितीय कमान अधिकारी द्वितीय वाहिनी सीआरपीएफ, निखिल अशोक कुमार राखेचा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नक्सल ऑप्स सुकमा, अभिषेक वर्मा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुकमा, आकाश राव गिरेपुंजे, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कोंटा के पर्यवेक्षण में छत्तीसगढ़ शासन की ‘छत्तीसगढ़ नक्सलवाद उन्मूलन नीति एवं सुकमा पुलिस द्वारा चलाए जा रहे ‘पूना नर्कोम अभियान नई सुबह, नई शुरूआत एवं अंदरूनी क्षेत्रों में लगातार सुरक्षा कैंप स्थापना से मिलने वाली सुरक्षा, सुविधा व विकास से प्रभावित होकर और बाहरी नक्सलियों के अमानवीय, आधारहीन, खोखली विचारधारा, उनके द्वारा किए जाने वाले षोषण, अत्याचार तथा बाहरी नक्सलियों के भेदभाव एवं स्थानीय आदिवासियों के साथ उनके द्वारा की जाने वाली निर्मम हिंसा से त्रस्त होकर प्रतिबंधित माओवादी नक्सल संगठन में सक्रिय 4 हार्डकोर ईनामी सहित कुल 8 नक्सलियों ने रविवार को आत्मसमर्पण किया।
इन्होंने किया समर्पण
आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों में दो लाख की ईनामी 42 वर्षीया महिला नक्सली वेट्टी मासे पति कवासी सोमडू मुरिया मंलगेर एरिया प्लाटून नंबर 24 पार्टी सदस्या निवासी बडे गादम स्कूल पारा थाना कटेकल्यण दंतेवाड़ा, एक लाख का ईनामी 31 वर्षीय सागर उर्फ देवा मड़काम पिता स्व. हुंगा मुरिया मंलगेर एरिया कमेटी सदस्य, मारोकी पंचायत डीएकेएमएस अध्यक्ष निवासी पोरोगादम मारोकी थाना गादीरास सुकमा, एक लाख की ईनामी 32 वर्षीया महिला सोड़ी तुलसी पति सोड़ी एंका मुरिया सिंगाराम आरपीसी केएमएस अध्यक्ष निवासी सिंगाराम मड़कम पारा थाना गोलापल्ली जिला सुकमा, एक लाख का ईनामी 30 वर्षीय पोडियम नंदे पिता स्व. भीमा मुरिया बुर्कलंका आरपीसी केएएमएस अध्यक्ष निवासी गट्टापाड़ बड़ापारा थाना किस्टाराम जिला सुकमा, 30 वर्षीय वेट्टी सुक्का पिता वेट्टी बूधा मुरिया कुंजेरास पंचायत मिलिशिया प्लाटून सदस्य निवासी बड़े गादम स्कूल पारा थाना कटेकल्यण जिला दंतेवाड़ा, 41 वर्षीय वेट्टी हड़मा पिता स्व. पांडू मुरिया बड़े गादम पंचायत जनताना सरकार सदस्य निवासी बड़े गादम स्कूल पारा थाना कटेकल्यण जिला दंतेवाड़ा 34 वर्षीय कवासी देवा पिता हिड़मा मुरिया बड़े गादम पंचायत जनताना सरकार सदस्य निवासी बड़े गादम स्कूल पारा थाना कटेकल्यण जिला दंतेवाड़ा और 45 वर्षीय कलमू सिंगा पिता स्व. भीमा मुरिया सिंगाराम आरपीसी पंच कमेटी अध्यक्ष निवासी सिंगाराम जबेली थाना गोलापल्ली जिला सुकमा शामिल हैं। इन लोगों ने आज 2 जून को नक्सल ऑपरेशन कार्यालय सुकमा में अनामी शरण द्वितीय कमान अधिकारी दूसरी वाहिनी सीआरपीएफ, अनुरंजन डिप्टी कमांडेंट 226वीं वाहिनी सीआरपीएफ एवं सपन चौधरी उप पुलिस अधीक्षक नक्सल ऑप्स सुकमा के समक्ष बिना हथियार के आत्मसमर्पण किया। वेट्टी मासे, वेट्टी सुक्का, वेट्टी हड़मा, कवासी देवा को आत्मसमर्पण हेतु प्रोत्साहित कराने में 226वीं वाहिनी आसूचना शाखा व थाना कुकानार स्टाफ एवं नक्सली सागर उर्फ देवा को आत्मसमर्पण हेतु प्रोत्साहित कराने में दूसरी वाहिनी आसूचना शाखा एवं सोड़ी तुलसी, कलमू सिंगा को आत्मसमर्पण हेतु प्रोत्साहित कराने में नक्सल सेल इंटेरोगेशन शाखा का विशेष प्रयास रहा है। ये सभी आत्मसमर्पित नक्सली नक्सल संगठन से जुड़कर विभिन्न नक्सली गतिविधियों जैसे पुलिस गश्त पार्टी की रेकी कर हमला करने, आवागमन वाले मार्गों को खोदकर अवरूद्ध करने, शासन, प्रशासन के विरूद्ध नक्सली पर्चा, पाम्पलेट लगाने, ग्रामीणों से डरा- धमका कर लेव्ही वसूली करने आदि घटनाओं में शामिल रहे हैं। इन सभी आत्मसमर्पित नक्सलियों को शासन की छत्तीसगढ़ नक्सलवाद उन्मूलन नीति के तहत सहायता राशि व अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
