नक्सलियों की घर वापसी की पहल ‘लोन वर्राटू’ ने दंतेवाड़ा जिले में मचाई धूम, फिर तीन नक्सली लौटे राह पर
–अर्जुन झा-
जगदलपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और उप मुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री विजय शर्मा के मार्गदर्शन में बस्तर संभाग के विभिन्न जिलों में नक्सलियों और उनके सहयोगी ग्रामीणों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए अलग अलग नामों से चलाई जा रही विशेष मुहिम व्यापक असर दिखा रही है। मुहिम और राज्य सरकार की पुनर्वास नीति से प्रभावित होकर रोज बड़ी संख्या में नक्सली आत्म समर्पण कर रहे हैं। इसी कड़ी में आज फिर दंतेवाड़ा जिले में एक महिला नक्सली समेत तीन नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है। दंतेवाड़ा जिले में इस वर्ष अब तक 820 नक्सली आत्मसमर्पण कर चुके हैं।
दंतेवाड़ा जिले में चलाए जा रहे अभियान ‘लोन वर्राटू’ घर वापस आईए तथा छत्तीसगढ़ शासन की पुनर्वास नीति के तहत विगत कुछ माह में जिला पुलिस बल और सीआरपीएफ द्वारा भटके हुए माओवादियों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए लगातार संपर्क एवं संवाद किया जा रहा है। साथ ही शासन की नक्सल पुनर्वास नीति का व्यापक प्रचार-प्रसार गांव गांव में किया जा रहा है। इसके सकारात्मक और उत्साह जनक परिणाम भी सामने आ रहे हैं। बड़ी संख्या में माओवादी कैडर का आत्मसमर्पण हो रहा है। बाहरी और कुछ पुराने स्थानीय नक्सलियों के अमानवीय, आधारहीन विचारधारा एवं उनके शोषण, अत्याचार तथा स्थानीय आदिवासियों पर की जाने वाली हिंसा से तंग आकर नक्सलवाद की ओर भटके युवा अब समाज की मुख्यधारा से जुड़ने का संकल्प लेकर आगे आ रहे हैं।
इन्होंने किया समर्पण
गंगालूर, भैरमगढ़ एवं कटेकल्याण एरिया कमेटी के प्रतिबंधित संगठन में मनकेली, पेद्दाकोरमा पंचायत जनमिलिशिया सदस्य संजय बारसे, कुन्ना पंचायत कमेटी सदस्य सुकड़ा मड़कामी, ग्राम फुलगट्टा संघम सदस्या रीना कोरसा ने आज 10 जून को डीआरजी कार्यालय दंतेवाड़ा में आत्मसमर्पण किया। पुलिस अधीक्षक दंतेवाड़ा ने इन आत्मसमर्पित नक्सलियों को छत्तीसगढ़ शासन की पुनर्वास योजना के तहत 25- 25 हजार रूपए की प्रोत्साहन राशि दी एवं पुनर्वास योजना के तहत मिलने वाले सभी प्रकार के लाभ प्रदान कराने की बात कही। लोन वर्राटू अभियान के तहत् अब तक 180 ईनामी नक्सलियों सहित कुल 820 नक्सली आत्मसमर्पण कर समाज की मुख्यधारा से जुड़ चुके हैं।
