भाजपा राज में महिलाएं असुरक्षित: दीपक बैज

अर्जुन झा-
जगदलपुर :- छत्तीसगढ़ में नारी सुरक्षा को लेकर कांग्रेस आक्रामक मुद्रा में आ गई है। इस मामले में राज्य की पुलिस और भाजपा सरकार कांग्रेस के निशाने पर है। खासकर दुर्ग जिले के पुलिस अधीक्षक को कांग्रेस ने टारगेट बना लिया है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने ऐलान किया है कि नारी सुरक्षा के मसले को लेकर कांग्रेस 3 सितंबर को कांग्रेस द्वारा सभी जिला मुख्यालयों में प्रदर्शन किया जाएगा।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा है कि भाजपा सरकार के राज में छत्तीसगढ़ में महिलाएं सुरक्षित नहीं रह गई हैं। राजधानी तक में महिलाएं सुरक्षित नहीं हैं। रायपुर के नए बस स्टैंड में महिला के साथ सामूहिक दुष्कर्म हो गया। दूसरे दिन रिपोर्ट लिखी गई, उसमें भी सामूहिक दुष्कर्म को नकारते हुए सिर्फ बलात्कार की रिपोर्ट लिखी गई। पुलिस अपराधियों को बचाने में लगी है।
पीसीसी चीफ दीपक बैज ने कहा है कि हर दिन प्रदेश में कहीं न कहीं सामूहिक बलात्कार की घटना हो रही है। महिलाएं बाहर निकलने से डर रही हैं। बस्तर, जशपुर, बिलासपुर, अंबिकापुर से लेकर राजधानी रायपुर में भी महिलाएं खुद को असुरक्षित महसूस कर रही हैं। यह दुर्भाग्यजनक है कि सरकार इन मामलों को गंभीरता से लेकर कार्यवाही करवाने के बजाय दुराचारियों को बचाने का काम कर रही है। 8 माह में महिलाओं के खिलाफ प्रदेश में 3094 अपराध हो चुके हैं तथा 600 से अधिक बलात्कार की घटनाएं हुई हैं। दीपक बैज ने कहा कि भिलाई के डीपीएस स्कूल में 4 साल की मासूम बच्ची के साथ दुराचार की घटना हो गई। बिना एफआईआर के एसपी ने घटना को नकार दिया, जबकि पास्को एक्ट में प्रावधान है कि ऐसी कोई घटना होने पर पहले एफआईआर होनी चाहिए उसके बाद जांच की प्रक्रिया शुरू की जानी चाहिए। भिलाई की बच्ची के साथ दुराचार के मामले में दो-दो डॉक्टरों ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि बच्ची के निजी अंगों में चोट है कुछ गलत हुआ है। उसके बाद भी एसपी मामले को नकारते हैं। हम पूछना चाहते हैं पुलिस ने एफआईआर कब की? मेडिकल बोर्ड का गठन कब हुआ? बच्ची का स्वास्थ्य परीक्षण कब कराया गया? घटना सरकार के संज्ञान में था। सरकार ने क्या कार्रवाई की? पास्को एक्ट में एफआईआर किए बिना क्लीनचिट दी जाने के कारण एसपी पर कार्रवाई क्यों नहीं की गई?

दबा रहा कोंडागांव का मामला
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि रायगढ़ के पुसौर में एक आदिवासी महिला के साथ 14 लोगों ने दुराचार किया, पुलिस रिपोर्ट लिखने में बहानेबाजी करती रही, मीडिया में दबाव के बाद रिपोर्ट लिखी गई। जशपुर की एक नाबालिक बच्ची के साथ सामूहिक दुराचार हो गया। कोंडागांव में एक महिला के साथ सामूहिक दुराचार हो गया, 20 दिन तक रिपोर्ट नहीं लिखी गई। दुर्भाग्यजनक है कि बंगाल की घटना पर प्रतिक्रिया देने वाले भाजपाई छत्तीसगढ़ में 4 वर्षीय मासूम बच्ची के साथ दरिंदगी पर मौन हैं। हमने इस संबंध में ज्ञापन सौपने राज्यपाल और मुख्यमंत्री से भी समय मांगा है। श्री बैज ने कहा- कांग्रेस ने निर्णय लिया है कि हम अपनी बहन, बेटियों की रक्षा की लड़ाई लड़ेंगे, आंदोलन करेंगे। सरकार को महिलाओं की सुरक्षा के लिए मजबूर करेंगे। 2 सितंबर को इस मामले को लेकर पूरे प्रदेश में प्रेस कांफ्रेंस होगी तथा 3 सितंबर को प्रदेश के सभी जिलों में प्रदर्शन किया जाएगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *