बस्तर के जल, जंगल, जमीन बचाने पीसीसी अध्यक्ष दीपक बैज ने शुरू की न्याय पदयात्रा

जगदलपुर। छत्तीसगढ़ के जल, जंगल, जमीन, खनिज संसाधनों को बचाने के लिए प्रदेश कांग्रेस कमेटी के तत्वावधान में और प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज के नेतृत्व में न्याय पदयात्रा आज 26 मई को किरंदुल से प्रारंभ हुई। किरंदुल दंतेवाड़ा तक 40 किमी लंबा सफर तय करने वाली इस न्याय पदयात्रा का आगाज धमाकेदार हुआ। पहले दिन ही यात्रा में सैकड़ों कांग्रेसजन और बस्तर के ग्रामीण शामिल हुए।

किरंदुल में कांग्रेसजनों ने दीपक बैज का भव्य स्वागत किया। महिलाओं ने प्रदेश कांग्रेस प्रमुख दीपक बैज और अन्य कांग्रेस नेताओं की आरती उतारकर एवं उन्हें तिलक लगाकर पदयात्रा के लिए रवाना किया। इससे पूर्व किरंदुल में सभा को संबोधित करते हुए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि भाजपा सरकार के आने के बाद से छत्तीसगढ़ के संसाधनों को निजी हाथों में सौंपने का काम तेज गति से चल रहा है। अवैध खनन के मामले लगातार सामने आ रहें हैं और इस प्रकार से भविष्य में भी कई मामले होने की आशंका है इन्हीं मुद्दों को लेकर पदयात्रा निकाली जा रही है गी। दीपक बैज ने कहा कि विष्णुदेव साय की सरकार ने छत्तीसगढ़ को एक बार फिर कॉर्पोरेट घरानों का चारागाह बना दिया है। बस्तर की चार बड़ी लौह अयस्क खदानें निजी पूंजीपतियों को दे दी गई हैं।बैलाडीला की खदान 1-ए और 1-बी आर्सेलर मित्तल के हवाले को 50 साल के लिए कर दी गई हैं। बैलाडीला 1-सी खदान रूंगटा स्टील को 50 सालों के लिए दे दी गई है। कांकेर जिले की हाहालादी खदान सागर स्टोन को 50 साल के लिए दी गई है। यह शुरुआत है इसके बाद बस्तर की सभी बहुमूल्य खनिज संपदा को अडानी को सौंपने की तैयारी की जा रही है। अडानी के लिए बस्तर में रेड कारपेट बिछाई जा रही है। श्री बैज ने कहा कि यह सिर्फ बस्तर की खनिज संपदा के निजीकरण का ही मामला नहीं है, बल्कि हमारी अस्मिता, हमारे अस्तित्व, हमारी संस्कृति और परंपराओं पर भी सीधा हमला है। इन कॉर्पोरेट घरानों के माध्यम से लाखों बाहरी लोग बस्तर में आकर बस जाएंगे और हमारी संस्कृति, परंपरा से खिलवाड़ करने लगेंगे। दीपक बैज ने कहा कि इतना सब देखते हुए भी बस्तरवासी नहीं जगे, तो हम सबका भविष्य कतई सुरक्षित नहीं रहेगा। इसलिए उठो, जागो और अपने प्यारे बस्तर के अस्तित्व की लड़ाई में भागीदार बनो।

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