नक्सली बताकर मार डाला गया रसोइया को: विधायक विक्रम मंडावी

जगदलपुर। बस्तर संभाग के बीजापुर में बीते 6 जून को मुठभेड़ में मारे गए 7 नक्सलियों में से एक शख्स को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। बीजापुर के कांग्रेस विधायक विक्रम मंडावी का आरोप है कि जिस महेश कुड़ियम को नक्सली बताकर मारा गया है, वह सरकारी स्कूल मे मध्यान्ह भोजन रसोईया था।
विधायक विक्रम मंडावी ने आरोप लगाया है कि नक्सवाद खत्म करने के अभियान के नाम पर निर्दोष आदिवासियों को मारा जा रहा है। श्री मंडावी ने कहा है कि 6 जून को बीजापुर के नेशनल पार्क एरिया में ईरपागुट्टा निवासी महेश कुड़ियम को नक्सली बताकर मार दिया गया।
महेश कुड़ियम भोपाल पटनम ब्लॉक की प्रथमिक शाला ईरपागुट्टा में मध्यान्ह भोजन रसोइया का काम करता था। महेश कुड़ियम के छोटे छोटे 7 बच्चे हैं, 3 बच्चे सरकारी आश्रम में पढ़ते हैं।
महेश कुड़ियम का यूनियन बैंक भोपाल पटनम में खाता है जिसमे हर महीने रसोइया का सरकारी पैसा जमा होता है। विधायक विक्रम मंडावी ने सरकार से सवाल किया है कि क्या सरकार निर्दोष आदिवासियों को मार कर नक्सवाद खत्म करना चाहती है ? क्या 7 बच्चों का पिता नक्सली हो सकता है ?
क्या सरकारी स्कूल में रसोइया का काम करने वाला व्यक्ति नक्सली हो सकता है ? क्या सरकारी वेतन लेने वाला व्यक्ति नक्सली हो सकता है? क्या निर्दोष आदिवासियों की हत्या से नक्सलवाद समाप्त हो जाएगा? क्या ऐसे अभियानों से आदिवासियों का विश्वास जीता जा सकता है ? क्या बस्तर में नक्सलवाद समाप्त करने की प्रकिया में निर्दोष आदिवासियों को मारना उचित है? क्या आप बस्तर में ऐसे ही नक्सलवाद खत्म करना चाहते हैं जिसमे निर्दोष आदिवासी मारे जाएं? कांग्रेस विधायक विक्रम मंडावी ने सरकार से मांग की है कि इस मामले में निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाए और आदिवासियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। विक्रम मंडावी ने महेश कुड़ियम की मृत्यु पर संवेदना व्यक्त करते हुए उसके परिवार को पर्याप्त मुआवजा और उसकी पत्नी को सरकारी नौकरी देने की मांग सरकार से की है।

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