प्रेमी जोड़ों और भालू ने छीन ली सैरगाह
–अर्जुन झा-
जगदलपुर। क्या भालू और अय्याश किस्म प्रेमी जोड़े लोगों की सैरगाह और तफरीह को छीन सकते हैं? जी हां ऐसा ही हुआ है हमारे जगदलपुर शहर में। शहर से सटा है ग्राम आसना और इस गांव में बसा है आसना पार्क। इसी आसना पार्क के भीतर बने हुए जनजातीय बसाहट को दर्शाने वाले एक एरिया को इन दिनों आम दर्शकों के लिए प्रतिबंधित कर दिया गया है। वजह जानकर आप हैरान हो जाएंगे। इस पाबंदी की जड़ में भालू की मौजूदगी और प्रेमी जोड़ों की अय्याशी है।
पार्क में प्रवेश पर प्रतिबंध से संबंधित सूचना बोर्ड के आसपास कंटीले तार व झाड़ियां डालकर लोगों आवाजाही रोक दी गई है। इस प्रतिबंध को लेकर वहां कार्यरत महिला समूह की सदस्यों से पूछताछ की गई तो रोचक बातें पता चली हैं। पार्क की देखभाल करने वाली समूह की महिलाओं ने बताया कि पार्क के इस हिस्से में सूनापन रहता है। इसकी वजह से कुछ युवा जोड़े यहां अनैतिक कृत्य करते देखे गए हैं। समझाइश के बाद भी वे नहीं मानते हैं। बीते दिनों ऐसी ही एक घटना यहां घटित हुई। पार्क भ्रमण करने आए एक युवक ने एक युवती के साथ इस जंगल के सूनेपन का फायदा उठाते हुए अनाचार को अंजाम दे दिया था। इसकी शिकायत बस्तर थाने में दर्ज कराई गई है। युवती के कथन की पुष्टि के लिए थाना से पुलिस आई व इस एरिया में चल रही अनैतिक गतिविधियों को रोकने कहा गया।
भालू की भी है मौजूदगी
पुलिस कार्रवाई के बाद भी युवाओं का जोड़ा यहां चहलकदमी करने पहुंचता रहा है। बीते सप्ताह जब ऐसा ही एक जोड़ा इस इलाके में मौजूद था तो उन्हें दूर भालू नजर आया। भालू को देखते ही जोड़ा जान बचाने के लिए पार्क से बाहर की ओर भागा। इसकी जानकारी महिला समूह को दी गई। इस महिला समूह ने इसकी जानकारी वन विभाग तक पहुंचाई। वन अमले ने आकर पार्क का चप्पा-चप्पा छान मारा। भालू तो नजर नहीं आया पर उन्होंने महिला समूह को हिदायत दी कि इस कोने में किसी को न जाने दिया जाए। इसके बाद आनन- फानन में इस एरिया को प्रतिबंधित कर दिया गया है। ज्ञात हो कि इस एरिया को डेवलप करने वन मंडल ने 50 लाख रुपए से अधिक की राशि खर्च की है। इस 50 लाख के अवशेष अब भी देखे जा सकते हैं।
