नक्सलियों को खून के आंसू रुलाने वाले सीआरपीएफ जवानों ने किया रक्तदान
जगदलपुर। बस्तर संभाग में नक्सलियों को खून के आंसू रुलाने वाले सीआरपीएफ के जवान निरीह आदिवासियों की प्राण रक्षा और मदद के लिए भी हमेशा तत्पर रहते हैं। गांवों में शिविर लगाकर आदिवासियों को जीवनपयोगी सामान भेंट करते हैं और बल के डॉक्टर्स से उनका इलाज भी करवाते हैं। अब इससे दो कदम आगे बढ़कर ये जवान रक्तदान भी करने लगे हैं। उनका यह उबलता खून उन आदिवासियों और प्रसूता महिलाओं के काम आएगा, जिन्हें उसकी सख्त जरूरत होगी।
सीआरपीएफ द्वितीय वाहिनी मुख्यालय में बल का 87वां स्थापना दिवस 27 जुलाई को कमांडेंट कमलेश कुमार के नेतृत्व में हर साल की तरह इस वर्ष भी बड़े हर्षउल्लास के साथ मुख्यालय एवं वाहिनी के सभी समवायों में मनाया गया। इस दिन जवानों के लिए विविध कार्यक्रम आयोजित किए गए। 28 जुलाई को द्वितीय वाहिनी मुख्यालय में रक्तदान शि lविर का आयोजन किया गया। इस अवसर पर द्वितीय वाहिनी के कमांडेंट कमलेश कुमार के नेतृत्व में वाहिनी के सभीअधिकारियों एवं जवानों ने स्वेच्छा से रक्त दान किया। इस अवसर पर सर्व प्रथम कमांडेंट कमलेश कुमार, द्वितीय कमान अधिकारी द्वय विवेक सक्सेना द्वितीय कमान अधिकारी, अश्वनी कुमार मिश्रा (परिचालन), मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. नितेश नानाजी परचाके ने रक्त दान कर आयोजन का शुभारंभ किया। इस दौरान जिला चिकित्सालय के डॉ. रवि कुमार जांगड़े ब्लड बैंक अधिकारी, अजय जयसवाल ब्लड बैंक टेक्नोलॅाजिस्ट, निरीक्षक कृष्णामूर्ति, निरीक्षक सत्यप्रकाश शुक्ला सहित अन्य जवान उपस्थित थे। इस शिविर में बल के अधिकारियों एवं कार्मिको द्वारा 27 यूनिट रक्त ब्लड बैक को दान किया गया।कमांडेंट कमलेश कुमार ने रक्तदान करने के फायदे बल के कार्मिकों को बतातेहुए कहा कि रक्तदान न केवल दूसरो के लिए फायदेमंद है, बल्कि यह आपके स्वास्थ्य के लिए भी अच्छा है।रक्तदान करने से आपके शरीर में नई रक्त कोषिकाओं का निर्माण होता है, जो आपके स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में मदद करती है। यह हृदय रोग और कैंसर के खतरे को भी कम करता है रक्तदान शिविर का उद्देश्य बल के स्थापना दिवस को चिन्हित करना और जरूरतमंदो को रक्त उपलब्ध कराना है।
