स्वास्थ्य मंत्री को दिखाने के लिए डिमरापाल अस्पताल के चुनिंदा वार्डों की हुई थी सफाई, वहीं दूसरे दिन उप मुख्यमंत्री ने निरीक्षण के दौरान डीन को लगाई फटकार – अभिषेक डेविड
जगदलपुर। बस्तर जिले का सबसे बड़ा सरकारी स्वास्थ्य केंद्र माने जाने वाला महारानी अस्पताल, डिमरापाल, एक बार फिर लापरवाही और दिखावे की राजनीति के कारण सुर्खियों में है।युवा कांग्रेस के कार्यकारी जिला अध्यक्ष अभिषेक डेविड ने आरोप लगाया कि स्वास्थ्य मंत्री के हालिया दौरे से पहले अस्पताल प्रशासन ने केवल चुनिंदा वार्डों और बाहरी परिसर की सफाई कराकर “सब ठीक है” का दिखावा किया, जबकि अस्पताल के बाकी हिस्सों की स्थिति बदहाल बनी रही।
अभिषेक डेविड ने बताया कि मंत्री के दौरे से एक दिन पहले प्रशासनिक अधिकारियों और अस्पताल प्रबंधन ने दो दिनों पहले चुने हुए वार्डों में पेंटिंग, सफाई और व्यवस्था सुधार का काम करवाया, ताकि दौरे के दौरान सबकुछ चमकता-दमकता नजर आए। लेकिन जिन वार्डों को निरीक्षण सूची में शामिल नहीं किया गया था, वहाँ मरीजों को गंदगी, टूटे-फूटे बिस्तर, खराब शौचालय और अव्यवस्था का सामना करना पड़ा।
स्थिति तब उजागर हुई जब अगले ही दिन उप मुख्यमंत्री ने अचानक अस्पताल का निरीक्षण किया। इस दौरान कई वार्डों में गंदगी, टूटी खिड़कियाँ, फफूंदी लगी दीवारें और चिकित्सा उपकरणों की खराब हालत देखकर उन्होंने अस्पताल डीन को मौके पर ही कड़ी फटकार लगाई। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि मरीजों की सेवा और अस्पताल की स्वच्छता कोई दिखावे का विषय नहीं, बल्कि यह सतत जिम्मेदारी है।
अभिषेक डेविड ने कहा कि यह घटना साफ दर्शाती है कि अस्पताल प्रशासन केवल नेताओं के दौरों के समय ही सक्रिय होता है, जबकि आम दिनों में मरीज और उनके परिजन बदहाल स्थिति में इलाज कराने को मजबूर रहते हैं। उन्होंने मांग की कि अस्पताल की स्वच्छता और सुविधाओं के लिए स्थायी व्यवस्था बनाई जाए, हर वार्ड में नियमित निरीक्षण हो और मरीजों की सुरक्षा व स्वास्थ्य को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए।
