नक्सल प्रभावित क्षेत्र में आई बैंकिंग क्रांति

जगदलपुर। लंबे समय तक विकास की मुख्यधारा से दूर रहे सुकमा जिले के नक्सल प्रभावित क्षेत्र जगरगुंडा में 25 वर्षों बाद बैंक शाखा खुलने से ग्रामीणों के जीवन में ऐतिहासिक बदलाव की शुरुआत हो गई है। 18 मई 2025 को मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय द्वारा उद्घाटित इंडियन ओवरसीज बैंक शाखा ने महज कुछ ही महीनों में 500 से अधिक खाताधारक बना लिए हैं।
बैंक शाखा खुलने के बाद अब शासन की योजनाओं का लाभ सीधा डीबीटी के माध्यम से क्षेत्र के लोगों के खाते में पहुंच रहा है, जिससे समय, मेहनत और पैसे तीनों की बचत हो रही है। पहले बैंकिंग कार्यों के लिए ग्रामीणों को सुकमा, कोंटा या दोरनापाल जैसे दूरस्थ क्षेत्रों की यात्रा करनी पड़ती थी। पूरा दिन सफर में बीत जाता था और अतिरिक्त खर्च भी उठाना पड़ता था। इंडियन ओवरसीज़ बैंक जगरगुंडा पहुंचे सिलगेर निवासी 26 वर्षीय ग्रामीण युवा दुला ने खुशी जाहिर करते हुए बताया कि पहले खाता खोलने या पैसे निकालने में पूरा दिन लगता था, अब जगरगुंडा में सारी सुविधा मिल रही है। शासन की योजनाओं का लाभ लेना अब आसान हो गया है।
वहीं जगरगुंडा निवासी पांडू ने बताया, मैं अपना खाता खोलने हेतु आवेदन पत्र लेकर आया हूं। अब ग्राम में ही महतारी वंदन योजना, पेंशन योजना और पीएम आवास योजनाओं की राशि सीधे खाते में मिलेगी। घर के नजदीक में बैंक सुविधा मिल जाना हमारे लिए बहुत बड़ी सुविधा है। बैंक शाखा में एटीएम मशीन भी लग गई गई है, जल्द ही इसे प्रारंभ किया जाएगा। एटीएम खुल जाने से जिससे नकद निकासी और तेज तथा सुगम होगी। जिले के सुदूर वनांचल जगरगुंडा में बैंकिंग व्यवस्था आशा की नई किरण है। स्थानीय लोगों के उत्साह को देख बेहद खुशी हो रही है। अब आस-पास के गांवों में खाते खुल रहे हैं, विकास की राह प्रशस्त हो रही है। आज महतारी वंदन योजना, मनरेगा, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, तेंदूपत्ता बोनस, पीएम आवास योजना और पीएम किसान सम्मान निधि जैसी योजनाओं की राशि सीधे उनके खातों में पहुंच रही है।

कलेक्टर ध्रुव ने जताई खुशी
सुकमा कलेक्टर देवेश कुमार ध्रुव ने कहा कि जगरगुंडा में बैंक शाखा का खुलना इस क्षेत्र के लिए मील का पत्थर साबित हो रहा है। यह स्थानीय अर्थव्यवस्था को गति देगा और वित्तीय समावेशन और पारदर्शिता को भी बढ़ावा मिलेगा। इसके साथ ही शासन की योजनाओं का लाभ अब सीधे और सही समय पर लोगों तक पहुंचेगा। वहीं ग्रामीणों का मानना है कि बैंकिंग सुविधाओं के विस्तार से व्यापार, स्वरोजगार और स्थानीय बाजार को नई ऊर्जा मिलेगी। यह कदम आर्थिक विकास और सामाजिक बदलाव की दिशा में भी एक मजबूत आधार तैयार करेगा।

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