पदम् श्री धर्मपाल सेनी (ताऊ जी) के करकमलों से संपन्न हुआ ‘कव्यनाद’ का विमोचन
जगदलपुर :- बस्तर एकेडमी ऑफ डांस,आर्ट एंड लिटरेचर (बादल) संस्था आसना जगदलपुर में आयोजित आंचलिक कविता पाठ कार्यक्रम में बीजापुर जिले के साहित्यकार बीरा राजबाबू ‘प्रखर’ के काव्य संग्रह कव्यनाद का विमोचन पदम् धर्मपाल सेनी(ताऊ जी) के करकमलों से शिक्षाविद् बसंतलाल झा, साहित्यकार दादा जोकाल, बस्तर कलेक्टर रजत बंसल, संयुक्त कलेक्टर सुरुचि एवं जिला सीईओ दिनेश नाग,आकाशवाणी के निदेशक बलवीर सिंह कच्छ और बादल के प्रभारी विजय सिंह की उपस्थिति में बस्तर सम्भाग के विभिन्न क्षेत्रों से आए साहित्यकारों, जनजातीय समाज प्रमुखों तथा कलाकारों के सम्मुख हुआ। ‘कव्यनाद’ थामसन प्रेस दिल्ली से मुद्रित व वारिश पब्लिकेशन सूरजपुर से प्रकाशित है जिसमें हमारे जीवन के विभिन्न पहलुओं का दर्शन,तीज त्योहारों,बस्तर के सौंदर्य, देशभक्ति,हास्य और प्रेरक कविताओं और गीतों का समावेश है । बादल में आयोजित आंचलिक कविता पाठ कार्यक्रम में सम्भाग के कई नामचीन कला जगत और साहित्यिक विभूतियों ने भाग लिया जिसमें बस्तर की भाषा बोली गोंडी,हल्बी, दोरली, छत्तीसगढ़ी और हिन्दी में कविता पाठ किया । कार्यक्रम में बस्तर के जनजातीय संस्कृति और परम्पराओं की माधुर्यता की झलक गेड़ी नृत्य,गीत गजल,कविता और सिरहा गुनिया के देव स्तुति में दिखाई पड़ी। बादल संस्था बस्तर की संस्कृति और सभ्यता को संजोए रखने व यहाँ के प्रतिभाओं को अवसर देने के साथ नई प्रतिभाओं की खोज के लिए संकल्पित है जिसकी बानगी इस कार्यक्रम के सबको देखने मिली। बीजापुर जिले से डॉ.राजकुमार टंड़न राजभाषा आयोग जिला अध्यक्ष और गायत्री ठाकुर ने छत्तीसगढ़ी, दिलीप कुमार उसेंडी और बीरा राजबाबू ‘प्रखर’ने गोंडी, छत्तीसगढ़ी,और पुरुषोत्तम चंद्राकर ने हिन्दी में काव्य पाठ कर समा बांधा। सम्भाग के सभी जिले से पधारे कवियों ने भी लाजवाब प्रस्तुतियां दी। सभी साहित्यकारों को कलेक्टर रजत बंसल ने प्रशस्ति-पत्र से सम्मानित किया और आगे भी जनजातीय संस्कृति के संरक्षण और संवर्धन के लिए ऐसे आयोजन किए जाने की बात कही। मंच संचालन बादल की सहायक प्रभारी व लोक साहित्य विधा प्रमुख कवियित्रि पूर्णिमा सरोज ने किया।

