बस्तर की परंपरा, संस्कृति से ही नहीं, यहां की आदिवासी बेटियों की आबरू से भी खेलने लगे हैं कन्वर्जन कराने वाले तत्व

अर्जुन झा-
जगदलपुर। कन्वर्जन का नासूर न सिर्फ बस्तर के आदिवासियों की आस्था, संस्कृति और परंपराओं को खोखला रहा है, बल्कि इस खेल में लगे कुछ तत्व बस्तर की आदिवासी बेटियों की आबरू से भी खेलने लगे हैं।
बस्तर संभाग में धर्मांतरण एक बेहद गंभीर और संवेदनशील मुद्दा बन गया है। परंपरा, संस्कृति के आक्रांताओं ने समूचे संभाग को अपने बाहुपाश में जकड़ लिया है। कन्वर्जन का सबसे ज्यादा असर आदिवासी समुदाय पर पड़ा है। इस समुदाय के समक्ष अस्तित्व का संकट खड़ा हो गया है जिसको लेकर जहां आदिवासी समाज बेहद आक्रोशित है वहीं अवैध धर्मांतरण करवाने वाली मिशनरियां दीमक की तरह गांव गांव में पहुंच चुकी हैं।प्रार्थना के जरिए बीमारियां ठीक करने का झांसा देकर भोलेभाले आदिवासियों का कन्वर्जन कराया जा रहा है। कन्वर्टेड आदिवासियों को उनकी पूजा पद्धति, संस्कृति और परंपराओं से विलग कर दिया जाता है। मृतकों के अंतिम संस्कार की प्रक्रिया भी बदल दी जाती है। इससे गांव गांव में वर्ग संघर्ष के हालात बनने लगे हैं। इससे चिंतित अपनी परंपराओं पर अडिग आदिवासी अब गांव गांव में कन्वर्जन, पास्टर, पादरियों पर रोक लगाने लगे हैं। गांवों में पास्टर पादरियों के प्रवेश की मनाही संबंधी बोर्ड लगा दिए गए हैं। संस्कृति और परंपराओं पर आक्रमण करने वाले कुछ तत्व अब बस्तर की आदिवासी बहू बेटियों की अस्मत पर भी हमला करने लगे हैं। ऐसा ही एक मामला बस्तर जिले भानपुरी थाना क्षेत्र के बड़ांजी गांव से सामने आया है। एक तथाकथित पास्टर ने एक बीमार महिला की बीमारी प्रार्थना के जरिए ठीक कर देने का झांसा देते हुए उस महिला की विधवा बेटी को अपनी हवस का शिकार बनाता रहा। जब युवती गर्भवती हो गई तो उस पर धर्म परिवर्तन और गर्भपात के लिए आरोपी दबाव बनाने लगा। बताया गया है कि आरोपी पीलूराम बघेल खुद कन्वर्टेड है और गांव के बाहर प्रार्थना सभा करवाता था। दुष्कर्म पीड़िता की मां बीमार चल रही है। पीलू राम ने बीमार महिला और उसकी युवा बेटी को झांसे में ले लिया कि वह प्रार्थना के जरिए महिला को स्वस्थ कर देगा। वह मां बेटी को चर्च ले जाता था और घर मे रविवार को प्रार्थना करवाता था। इस तरह पीलूराम ने बेटी को प्रेमजाल में फंसा लियाया और उसके साथ दुष्कर्म करने लगा। पीड़िता के गर्भवती हो जाने पर उसे ईसाई धर्म अपनाने और गर्भपात कराने के लिए उस पर का लगातार दबाव बनाता रहा। मामला भानपुरी थाना क्षेत्र का है जहां बड़ांजी क्षेत्र के धनोरा निवासी आरोपी पीलूराम बघेल पास्टर ने पीड़िता को गर्भपात कराने की धमकी दी बाद। में उसके हिंदू परिवार व युवती पर ईसाई धर्म अपनाने के लिए दबाव बनाया। विधवा युवती ने हाल ही में एक बच्ची को जन्म दिया है।पीड़िता ने मामले की रिपोर्ट थाने में दर्ज कराई।आरोपी पूर्व से शादीशुदा है और पोल खुलने के बाद से फरार था।पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। बताया गया है कि पास्टर पीलूराम उर्फ पिलमन बघेल आदतन बदमाश है जिस पर पूर्व में भी अवैध धर्मांतरण के आरोप लगे हैं। एक बार तो हिन्दू संगठनों ने इसको धर्मांतरण करवाते रंगे हाथों पकड़ा था। बस्तर में यह कोई पहली घटना नहीं है। इससे पहले इसी तरह की घटना में पास्टर विजेंदर उम्रकैद की सजा काट रहा है।

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