सिडनी में हुई इंडस्ट्रीयल ग्लोबल यूनियन की वर्ल्ड कांग्रेस में शामिल हुए भारतीय प्रतिनिधि



जगदलपुर। ऑस्ट्रेलिया के सिडनी में आयोजित इंडस्ट्रीयल ग्लोबल यूनियन की वर्ल्ड कांग्रेस में 130 देशों के खनन, ऊर्जा, निर्माण, जहाज निर्माण, ऑटोमोबाइल, एयरोस्पेस, वस्त्र और रासायनिक उद्योगों से जुड़ी यूनियनों के प्रतिनिधि शामिल हुए। भारतीय श्रमिक नेताओं ने भी इसमें शिरकत की।


इस दौरान श्रमिक अधिकारों, औद्योगिक एकता और न्यायपूर्ण एवं सतत विकास जैसे मुद्दों पर विचार-विमर्श किया गया तथा आगामी चार वर्षों के लिए नई कार्यकारिणी का निर्वाचन हुआ। ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज़ ने इंडस्ट्रीयल ग्लोबल यूनियन वर्ल्ड कांग्रेस को संबोधित करते हुए मज़दूरों की एकजुटता और यूनियन मूल्यों को वैश्विक स्तर पर आगे बढ़ाने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने इंडस्ट्रीयल महासचिव एटले होए और उनकी टीम को इस सफल आयोजन के लिए धन्यवाद देते हुए कहा कि यह कांग्रेस इस बात का प्रतीक है कि मज़दूर आंदोलन की भावना सीमाओं से परे है। प्रधानमंत्री ने ऑस्ट्रेलियाई यूनियनों के योगदान की सराहना की और कहा कि आज की अस्थिर वैश्विक परिस्थितियों में वैश्विक चुनौतियों का समाधान केवल वैश्विक एकजुटता से ही संभव है।उन्होंने सरकार द्वारा किए गए प्रमुख औद्योगिक सुधारों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इन सुधारों का उद्देश्य यूनियन मूल्यों न्याय, समानता और गरिमा को व्यवहार में लाना है। वर्ल्ड कांग्रेस में इंडस्ट्रीयल ग्लोबल यूनियन का नेतृत्व नवनिर्वाचित अध्यक्ष क्रिस्टियाना बैनर और महासचिव एटले होए ने की। इंटक के राष्ट्रीय महामंत्री और इंडियन नेशनल इलेक्ट्रिसिटी वर्कर्स फेडरेशन के महासचिव डॉ. संजय कुमार सिंह व हिंद मज़दूर सभा के संजय वढावकर को एशिया पेसिफिक क्षेत्र से कार्यकारिणी में चुना गया। कांग्रेस में इंडियन नेशनल इलेक्ट्रिसिटी वर्कर्स फेडरेशन से डॉ. संजय कुमार सिंह, इंडियन नेशनल माइन वर्कर्स फेडरेशन से कुमार जयमंगल व अनुपमा सिंह, इंडियन नेशनल स्टील, मेटल, मेटल माइन एंड इंजीनियरिंग एम्प्लाइज फेडरेशन से आशीष यादव तथा इंडियन नेशनल गारमेंट वर्कर्स फेडरेशन से रुक्मणी वीपी शामिल हुए।

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