हादसों का ठिकाना बन गई है प्रधानमंत्री ग्राम सड़क



-अर्जुन झा-
जगदलपुर। बस्तर जिले के विकासखंड बस्तर में मावलीगुड़ा से खोरखोसा के बीच प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना से सड़क बनवाने के बाद विभाग सड़क की सुध लेना भूल गया है। खस्ताहाल हो चुकी सड़क और किनारे की झाड़ियां दुर्घटनाओं की वजह बन गईं हैं। झाड़ियां सड़क के ऊपर इस तरह छा गई हैं कि सामने से आ रही गाड़ी नजर नहीं आती। सड़क के दोनों तरफ
सड़क की सोल्डर के किनारे झाड़ियां जंगल का रूप धारण कर चुकी हैं। अंधे मोड़ वाली इस सड़क पर आमने-सामने से आती गाड़ियों की भिड़ंत के चलते कई लोग हादसों में हताहत हो चुके हैं। इस सड़क का मेंटेनेंस करने में विभाग की दिलचस्पी बिल्कुल भी नजर नहीं आ रही है। जबकि सड़क निर्माण के बाद शुरुआती 5 साल तक ठेकेदार की पीजी यानि परफॉरमेंस गारंटी होती है। इस दौरान सड़क के संधारण की जिम्मेदारी संबंधित ठेकेदार की होती है। इसके बाद विभाग सालाना मेंटेनेंस के नाम पर अच्छी खासी रकम स्वयं खर्च करता है, जिसमें सड़क के दोनों तरफ सोल्डर में उगने वाली झाड़ियों की सफाई, बीटी रिनीवल, माइल स्टोन पेंटिंग, रिफ्लेक्टर, साइन बोर्ड से लेकर तमाम कार्य कराए जाते हैं। लेकिन वर्ष 2018 में इस सड़क का निर्माण होने के बाद से विभाग ने इस सड़क की तरफ झांककर भी नहीं देखा है।



2.85 किमी लंबी है सड़क
इस सड़क की कुल लंबाई 2.85 किमी है। जबलपुर की एक कंस्ट्रक्शन कंपनी ने वर्ष 2018 में इसका डामरीकरण किया था। उसके बाद से ही न तो सड़क किनारे सफेद चमकदार पट्टी लगाई गई, न ही अंधे मोड़ के संकेतक लगाए गए हैं। कई जगह सड़क पर झाड़ियां घिर आई हैं, जिससे वाहनों को साइड देने में दिक्कत होती है। साथ ही विजिबिलिटी कम होने की वजह से अंधे मोड़ पर सामने से आने वाली या रुकी हुई गाड़ियों का पता ही नहीं चलता है, जिससे हादसों की आशंका हमेशा बनी रहती है। यह सड़क बस्तर- बनियागांव सड़क से मावलीगुड़ा व खोरखोसा इलाके को जोड़ती है, लिहाजा इस सड़क पर रात-दिन वाहनों की आवाजाही लगी रहती है।

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