बिल फर्जी, काम फर्जी, हस्ताक्षर फर्जी और रोकड़ा असली!



-अर्जुन झा-
बकावंड। काम फर्जी, बिल फर्जी, हस्ताक्षर फर्जी, मटेरियल कहीं पहुंचा नहीं, मगर शासन के असली लाखों रुपए निकाल लिए जा रहे हैं। ऐसा गजब खेल विकासखंड बकावंड की ग्राम पंचायतों में सचिवों और सरपंचों द्वारा किया जा रहा।सरकारी धन को लूटने के में सचिव कोई कसर बाकी नहीं छोड़ रहे हैं। काम करवाए बिना फर्जी फर्मों को भुगतान दर्शा कर लाखों रुपए हड़पने का खेल ग्राम पंचायतों में धड़ल्ले से चल रहा है।


ऐसे मामले कुछ दिनों पहले विकासखंड की ग्राम पंचायत जुनवानी और तुंगापाल से सामने आए थे और अब ग्राम पंचायत छोटे जीराखाल में भी ऐसा ही बड़ा खेल कर दिया गया है। जहां सचिव ने अपने भाई के नाम पर फर्जी भुगतान का बिल तैयार कर 67 हजार रुपए डकार लिए हैं। तथाकथित फर्जी फर्म से सामग्री आपूर्ति के जो दो बिल पेश किए गए हैं, उनमें सचिव और सरपंच के हस्ताक्षर भी मेल नहीं खा रहे हैं। बकावंड विकासखंड में सरकार के सुशासन को दागदार करते हुए सचिव अपने ही खास लोगों के खाते में फर्जी कार्यों के नाम से सरकारी खजाने से राशि आहरण कर डलवा रहे हैं। ये सचिव इतने उद्दंड है कि बिना किसी भय के सरकारी धन का आहरण करते हैं।आरोप है कि तुंगपाल और जुनवानी ग्राम पंचायतों में यही सचिव हैंडपंप मरम्मत पाईप लाइन मरम्मत, मुरुम बिछाई, कैसिंग पाईप व राइजिंग पाईप खरीदी आदि के नाम पर फर्जी बिल बनाकर लाखों रुपये निकाल चुके हैं। आश्चर्य की बात तो यह है कि हैंडपंप मरम्मत के नाम पर मां दंतेश्वरी कृषि केंद्र के संचालक अनुराग झा को ग्राम पंचायत के 45 हजार 800 रुपए का भुगतान दर्शाया गया है। सोचने वाली बात यह है कि एक कृषि केंद्र संचालक तो खाद, बीज, कीटनाशक आदि बेचने का काम करता है, फिर भला वह हैडपंप की मरम्मत कैसे करता होगा? फर्जी बिलों और पैसों के गबन के सबूत बिल वाउचर हैं। ग्रामीणों के मुताबिक पंचायत सचिव ने अपने भाई पारस नाथ पटेल के नाम से फर्जी बिल बुक छपवा रखी है। सचिव इसी बिल बुक को मरम्मत, सामान खरीदी के फर्जी बिल तैयार कर शासकीय रकम निकालने का जरिया बना लिया है। हैंडपंप की कभी मरम्मत नहीं कराई गई और इस मद पर कृषि सेवा केंद्र संचालक को 45 हजार 800 रुपए का फर्जी भुगतान दिखाया गया है।

छोटे जीराखाल का मामला
छोटे जीराखाल ग्राम पंचायत में नाली निर्माण के नाम पर 67 हजार रुपए के वारे न्यारे कर दिए गए हैं। ग्राम पंचायत तुंगापाल के सचिव दीनानाथ पटेल के भाई पारसनाथ पटेल के तथाकथित फर्म के जो बिल जीराखाल पंचायत में शो किए गए हैं, वे पूरी तरह फर्जी हैं। दोनों बिल कुल 67 हजार रुपए के हैं। ये बिल सीमेंट, मुरुम, रेत और बजरी के हैं। दीनानाथ पटेल ग्राम पंचायत तुंगापाल के सचिव हैं और उन्होंने अन्य पंचायतों के सचिवों से भी सांठगांठ कर रखी है। कई पंचायतों में पारस नाथ पटेल के फर्म के बिल का इस्तेमाल किया जा रहा है। दीनानाथ पटेल बिल बनाकर दूसरे पंचायत सचिवों को उपलब्ध कराते हैं। ये सभी सचिव जनपद सीईओ के खास हैं। इसलिए उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हो रही है।

दोषियों पर होगी कार्रवाई
बिना काम कराए पंचायत की रकम निकालने और फर्जी बिल प्रस्तुत करने का मामला गंभीर है। तुरंत जांच करवा कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई करूंगा।
मनीष वर्मा,
एसडीएम, बकावंड

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