मट्टी मड़का में ‘रिवर एडवेंचर फेस्ट’: इंद्रावती के तट पर रोमांच, विश्वास और बदलाव की नई उड़ान
बीजापुर :- जिले के मट्टी मड़का में आयोजित “रिवर एडवेंचर फेस्ट” केवल एक साहसिक खेल आयोजन नहीं, बल्कि बदलते बस्तर की नई तस्वीर और उम्मीदों का जीवंत उत्सव बनकर सामने आया। जिला प्रशासन बीजापुर की पहल पर इंद्रावती नदी के रेतीले तटों पर सजा यह आयोजन दूरस्थ आदिवासी गांवों के बच्चों और युवाओं के लिए यादगार अनुभव साबित हुआ।
कभी भय और अलगाव की छाया में रहे इस अंचल में अब उत्साह, आत्मविश्वास और रोमांच की नई रोशनी दिखाई दे रही है। मुख्यधारा से जुड़ने की दिशा में यह आयोजन युवाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव का सशक्त माध्यम बनकर उभरा है।

फेस्ट में जिपलाइन, बंजी जंपिंग, जुमरिंग, पैराग्लाइडिंग, रॉक क्लाइंबिंग, एटीवी राइड, तीरंदाजी, बीच वॉलीबॉल और रिवर कैंपिंग जैसी गतिविधियों ने प्रतिभागियों को रोमांच का अनूठा अनुभव कराया। रात में स्टार गेजिंग और दिन में स्थानीय बस्तरिया व्यंजनों का स्वाद इस आयोजन को और भी खास बना गया।
इस पहल का उद्देश्य युवाओं में साहसिक खेलों के प्रति रुचि विकसित करना, पर्यटन को बढ़ावा देना और अंदरूनी गांवों के बच्चों को नए अवसरों से जोड़ना रहा। बड़ी संख्या में आदिवासी बच्चों की सहभागिता ने यह संदेश दिया कि अवसर मिलने पर वे भी नए सपनों को साकार करने की क्षमता रखते हैं। मुख्यमंत्री
विष्णु देव साय के नेतृत्व में जिला प्रशासन और कलेक्टर संबित मिश्रा के प्रयासों से संभव हुए इस आयोजन में सीईओ जिला पंचायत नम्रता चौबे सहित वरिष्ठ अधिकारी गण भी मौजूद रहे।
कार्यक्रम के दौरान कलेक्टर मिश्रा ने स्वयं बच्चों के साथ जिपलाइन का आनंद लिया, जिससे बच्चों का उत्साह दोगुना हो गया। कलेक्टर, सीईओ और जिला प्रशासन के अधिकारियों-कर्मचारियों ने प्रतिभागियों के साथ बैठकर भोजन भी किया, जिसने प्रशासन और आमजन के बीच आत्मीयता और विश्वास का संदेश दिया।
मट्टी मड़का, बीजापुर (छत्तीसगढ़) में आयोजित यह “रिवर एडवेंचर फेस्ट” केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि विश्वास, विकास और बदलते बस्तर की नई पहचान बनकर उभरा है—जहां अब डर नहीं, बल्कि सपनों की उड़ान दिखाई दे रही है।
