बस्तर में खाद-बीज किट वितरण में लाखों का घोटाला, जांच शुरू



अर्जुन झा-
जगदलपुर। बस्तर जिले के आदिवासी किसानों को बीज, खाद और कृषि किट वितरण में एक करोड़ रुपए से अधिक का घोटाला हुआ है। शिकायत के बाद मामले की जांच भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (यथा संशोधित 2018) की धारा-17(क) के तहत शुरू कर दी गई है। जांच के लिए छत्तीसगढ़ शासन से अनुमति भी ली गई है।
शिकायत के अनुसार वर्ष 2019-20 एवं 2020-21 में जनपद पंचायत जगदलपुर, बस्तर, बास्तानार, बकावंड और लोहंडीगुड़ा के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों ने सप्लाईकर्ता फर्म मेसर्स एस.आर. सप्लाई एजेंसी एवं मेसर्स ए.एन. सप्लाई एजेंसी जगदलपुर के साथ मिलीभगत कर बीज, खाद, किट वितरण की राशि में गड़बड़ी की है। आरोप है कि कागजों पर खरीदी दिखाकर लाखों रुपये का गबन किया गया है, जबकि जमीनी स्तर पर आदिवासी किसानों तक सामग्री नहीं पहुंची है। जांच अधिकारी ने संबंधित कार्यालयों से वर्ष 2019-20 और 2020-21 में उक्त दोनों सप्लाई एजेंसियों द्वारा प्रदाय की गई किट सामग्री, बिल, वाउचर एवं अन्य दस्तावेजों की प्रमाणित छायाप्रति मंगाई है। भौतिक सत्यापन और दस्तावेजों के मिलान के बाद आगे की कार्रवाई तय होगी।

किसानों में आक्रोश
स्थानीय किसानों का कहना है कि शासन की मंशा आदिवासी किसानों को उन्नत बीज-खाद देकर उत्पादन बढ़ाने और आर्थिक स्थिति सुधारने की थी। लेकिन भ्रष्टाचार के कारण योजना का लाभ पात्र हितग्राहियों तक नहीं पहुंचा। कई किसानों को आज तक यह भी नहीं पता कि उनके नाम पर किट स्वीकृत हुई थी। यदि जांच में वित्तीय गड़बड़ी प्रमाणित होती है तो संबंधित अधिकारियों और सप्लायरों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत आपराधिक प्रकरण दर्ज हो सकता है। साथ ही गबन की गई राशि की वसूली और दोषियों पर विभागीय कार्रवाई भी संभव है।

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