महज 15 मिनट में धराशायी हो गईं किसानों की उम्मीदें, ओलावृष्टि से तबाह हो गईं सब्जी फसलें
-अर्जुन झा-
बकावंड। विकासखंड बकावंड में सैकड़ों किसानों की उम्मीदें चंद मिनटों में जमींदोज हो गईं, सपने तिनकों की तरह बिखर गए। किसानों को अब परिवार के भरण पोषण और आगामी खरीफ फसल की तैयारी की चिंता सताने लगी है। अचानक शुरू हुई बेमौसम बारिश, ओलावृष्टि और आंधी ने यहां जमकर कहर बरपाया है। सैकड़ों एकड़ की सब्जी फसलें बर्बाद हो गईं हैं।

बकावंड विकासखंड की ग्राम पंचायत टलनार और अन्य गांवों में हुई बेमौसम बारिश, तेज आंधी-तूफान और ओलावृष्टि के कारण किसानों की रबी फसल को भारी नुकसानपहुंचा है।किसानों की सब्जी फसलें तबाह हो गईं हैं। ओलावृष्टि से फूलगोभी टमाटर, लौकी, तोरई, और मिर्च जैसी सब्जी फसलों को काफी नुकसान हुआ है। टलनार, बेलगांव, बनियागांव बकावंड और अन्य गांवों में ओले गिरने से 200 एकड़ से अधिक के रकबे फसलें प्रभावित हुई हैं। किसानों को लाखों का आर्थिक नुकसान होने का अनुमान है। टलनार के किसान सिरधर सिन्हा ने बताया कि उनके 60 डिसमिल रकबे में लगी फूलगोभी की फसल को बर्फबारी से भारी नुकसान हुआ है। फसल पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई है। टलनार में कई और किसानों की लाखों रूपयों की फसल का नुकसान हुआ है। प्रायः सभी किसानों ने कर्ज लेकर खेती की थी, लेकिन 15 मिनट से ज्यादा समय तक गिरे ओलों ने पूरी मेहनत पर पानी फेर दिया।
मुआवजे की मांग
प्रभावित किसानों ने कहा है कि प्रकृति के इस प्रकोप से उनकी कमर टूट गई है। जीवन यापन का सहारा यही फसलें थीं, जो अब पूरी तरह तबाह हो चुकी हैं। पीड़ित किसानों के समक्ष परिवार के भरण पोषण की भी समस्या खड़ी हो गई है। दुखी पीड़ित किसानों ने शासन प्रशासन से तत्काल क्षतिग्रस्त फसलों का सर्वे कराकर उचित मुआवजा देने की मांग की है। खरीफ का सीजन करीब है। किसान इन सब्जी फसलों के दम पर खरीफ फसलें लेने की उम्मीद पाले बैठे थे, यह उम्मीद भी टूट गई है।
