इनोवेशन महाकुंभ 1-0 का आयोजन 4 मई से
जगदलपुर। शहीद महेंद्र कर्मा विश्वविद्यालय जगदलपुर में 4 व 5 मई को होने वाले इनोवेशन महाकुंभ- 1.0 को लेकर बुधवार को पत्रकार वार्ता का आयोजन किया गया। प्रेस कांफ्रेस मे कुलपति प्रो. मनोज कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि आत्मनिर्भर भारत विजन 2047 के लिए सशक्त युवा एवं समृद्ध बस्तर की संकल्पना को साकार करने के उद्देश्य से इनोवेशन महाकुंभ- 1.0 का आयोजन होने जा रहा है। यह बस्तर संभाग के विद्यार्थियों, शोधार्थियों एवं नवोन्मेषी युवाओं में नवाचार, उद्यमिता तथा बहुविषयक अनुसंधान को प्रोत्साहित करने यह सबसे बड़ा इनोवेशन व स्टार्टअप शो केस होगा। इस सेंसेटाईजेशन प्रोग्राम में क्षेत्र के विद्यार्थी, नवाचारकर्ता, उद्यमी, शिक्षाविद्, इंडस्ट्री एक्सपर्ट, नीति-निर्माता एक साथ मंच व ज्ञान साझा करेंगे।
प्रोफेसर श्रीवास्तव ने बताया कि आयोजन में सहभागिता के लिए बस्तर संभाग के करीब 8 हजार युवाओं ने पंजीयन कराया है। कार्यक्रम में 1500 से ज्यादा छात्र-छात्राएं एवं युवा हिस्सा लेंगे तथा शेष सभी रजिस्टर्ड युवाओं के लिए यूट्यूब एवं अन्य सोशल मीडिया मंचों से जोड़कर इस शोकेस का लाभ दिया जाएगा।इनोवेशन महाकुंभ कार्यक्रम नहीं बल्कि चरणबद्ध एवं योजनाबद्ध तरह से 2 वर्षों तक चलने वाला महा अभियान है। कुलपति प्रो श्रीवास्तव ने कहा कि कक्षाओं में पढ़ाए जाने वाले ज्ञान की उपयोगिता सिखाना भी हमारा दायित्व है। प्रो श्रीवास्तव ने बताया कि विवि की ओर से यह एक महज कार्यक्रम नहीं है। बल्कि यह आगे के दो-तीन वर्ष चलने वाले अभियान की शुरूआत है। इस निरंतर प्रयास से बस्तर के इकोसिस्टम बदलने का प्रयास होगा। इनोवेशन महाकुंभ के दूसरे चरण में बस्तर के विभिन्न जिले में मेंटरशिप प्रोग्राम, वर्कशाॅप, इंवेस्टर मीट जैसे कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। विशेषकर आईआईटी भिलाई की टीम अपने 51 माईनर फारेस्ट प्रोड्यूस के वेल्यू एडिशन के लिए बनाई गई माडर्न टेक्नाॅलाॅजी पर आधारित मशीनों की प्रदर्शनी लगाएगी। युवाओं को सरकार की योजनाओं और इनोवेशन आधारित व्यापार की सम्भावनाओं को समझाने के लिए सीएसआईटीसी, एमएसएमइर माईनर फोरेस्ट प्रोड्यूस ट्रेडिंग एंड डेवलेपमेंट फडेरेशन, ईको टूरिज्म जैसे सरकार के विभागों के स्टाॅल लगाए जाएंगे। इस दौरान युवाओं को सरकार के संबंधित स्कीम की भी जानकारी मिलेगी। हर सेशन में हल्बी भाषा के अनुवादक रहेंगे, जो एक्सपर्ट के विचारों को हल्बी और छत्तीसगढ़ी में अनुवाद कर युवाओं को विषय के बारे में सरल ढंग से समझाएंगे। हिंसा की राह छोड़ चुके 200 महिला एवं पुरूष भी आर्थिक, सामाजिक विकास और परिवर्तन के इस आयोजन में भाग लेंगे। कार्यक्रम का उद्घाटन राज्यपाल रमेन डेका एवं समापन मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की उपस्थिति में होगा। विभिन्न सत्रों में केंद्र व राज्य के विभिन्न विभागों के मंत्री एवं जनप्रतिनिधि शामिल होंगे। बेस्ट आईडिया एवं स्टार्टअप को पुरस्कृत किया जाएगा। आयोजन में विवि के पीएम उषा एवं इंस्टीट्यूशन इनोवेशन काउंसिल के अतिरिक्त आईआईटी भिलाई, एनआईटी रायपुर, आईआईएम रायपुर, सीजी कॉस्ट, स्वाबलंबी भारत अभियान, एमएफसीसी, केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय जैसी संस्थानों की सहभागिता रहेगी। देश के प्रतिष्ठित संस्थाओं के ट्रेनर इनोवेशन और स्टार्टअप को लेकर प्रशिक्षण देंगे। प्रत्येक प्रतिभागी को प्रमाण पत्र और प्रतिभागी को कम्पेडिय दिया जाएगा। इसमें विभिन्न महाविद्यालयों व अन्य संस्थाओं के विद्यार्थी एवं उद्यमिता, इनोवेशन एवं स्टार्टअप से जुड़े लोगों की प्रतिभागिता होगी। इस आयोजन में स्टूडेंट्स सृजनात्मक स्तर पर तैयारी कर रहे हैं। राष्ट्रगान, राष्ट्रगीत, राजगीत की सजीव प्रस्तुति देंगे। इसके लिए रिकार्डिंग का सहारा नहीं लिया जाएगा। इसके अतिरिक्त सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति भी होगी। यह विवि की ओर से ज्ञान का प्रयोग कर आर्थिक, सामाजिक समस्याओं के निराकरण करने का प्रयास है। साथ ही युवाओं के सशक्तिकरण एवं उनके सर्वतोमुखी विकास की कोशिश है। जिससे यहां के यूथ वेल राउंडेड यूथ बन सकें। विशेषकर आईआईटी मद्रास के इन्क्यूबेट स्टार्टअप टीमें हिस्सा लेंगी। इस अवसर पर स्टूडेंट्स को मार्केट प्लेस से कनेक्ट करने के उद्देश्य से टीआईई के रायपुर चैप्टर नया आई क्रिएट गुजरात जैसे अनेक उद्योगों, कम्पनियों स्टार्टअप, ईको सिस्टम को बढ़ावा देने वाली संस्थाओं से विवि का एमओयू भी होगा। आंकड़े के अनुसार पूरे भारत में प्रतिवर्ष करीब डेढ़ करोड़ तक युवा वर्क फोर्स का हिस्सा बनते हैं। प्रोजेक्शन के अनुसार 2030 तक देश में करीब सौ करोड़ युवा वर्क फोर्स में जुड़ेंगे। परंतु वर्तमान में उनमें से लगभग 30 लाख युवाओं को फार्मल सेक्टर में रोजगार मिल पाता है। वाकी सारे युवा इंफाॅर्मल सेक्टर में रहते है या बेरोजगार रहते हैं। इसलिए एक बड़ी संख्या में युवा अंडर इम्प्लायमेंट और नो इम्प्लायमेंट जोन में रह जाते हैं। वर्क फोर्स में जुड़ने वाले युवा डेमोग्राफिक डिविडेंट का हिस्सा बन जाते हैं। पूरे विश्व में भारत का सबसे बड़ा डेमोग्राफिक डेविडेण्ड है। इसलिये 85ः हिस्सा इनफार्मल में रहना भारत के लिये चुनौती है। छत्तीसगढ़ में प्रतिवर्ष दो से ढाई लाख युवा डिग्री प्राप्त करते हैं। इनमें में करीब 25-30 हजार युवाओं को ही फार्मल सेक्टर में नौकरी मिल पा रही है। 40 हजार युवाओं को कोई नौकरी नहीं मिल पाती है क्योंकि नौकरियां नहीं हैं।
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नौकरी देने वाले बनेंगे बस्तर के युवा
विवि ने 2020 से 2025 तक के अपने छह वर्ष के डेटा का अध्ययन किया जिसमें पाया कि विवि से इस दौरान 87 हजार डिग्री प्रदान की। जिसमें करीब 70 वर्क फोर्स में जुड़े। बाकी या तो इनफाॅर्मल सेक्टर में काम करते हैं उनके पास नौकरी नहीं है। इसमें केवल 12 हजार युवाओं को ही फार्मल सेक्टर में रोजगार मिल पाए। इन आंकड़ों से स्पष्ट होता है कि अंडर इम्प्लायमेंट और अन इम्प्लायमेंट देश के अन्य क्षेत्र की तरह बस्तर की भी बड़ी समस्या है। हिंसा के माहौल के बाद बस्तर जब शांति स्थापित हो रही है। ऐसे में बस्तर के युवाओं को स्वरोजगार के लिए प्रेरित करना जरूरी है। यहां के युवा भी नौकरी पाने की मानसिकता छोड़ नौकरी देने वाले युवाओं में परिवर्तित हो सकें। यहां के नवाचार करने वाले युवाओं के आईडिया को प्रोटोटाइप, स्टार्टअप, मार्केट व्यवसाय स्थापित करने प्रशिक्षित किये जाने की प्राथमिकता है।
विश्वविद्यालय शिक्षा प्रदान करने के साथ इस दिशा में भी कार्य कर रहा है।
इनोवेशन कुंभ एक प्रयास है। एनईपी 2020 के मल्टी डिसिप्लीनरी पाठ्यक्रम में इनोवेशन एवं इंटप्रयोनरशिप को शामिल किया गया है। जिससे विद्यार्थियों एवं शिक्षकों के बीच नवाचार एवं उद्यमिता की संस्कृति को बढ़ावा मिल सके। इसके लिए विवि में सेक्शन व कम्पनी इनोवेशन एण्ड स्टार्टअप फाउंडेशन की स्थापना की गई है।
विवि में पिछले दिनों मार्केटिंग, स्वावलंबन, आईपीआर, ब्रांड बिल्डिंग, सस्टेनेबल इनोवेशन, बिजनेस माॅडल, वित्तीय समझ जैसे विभिन्न विषयों पर कार्यशाला, व्याख्यान, एक्सपोजर विजिट, प्रदर्शनी ईत्यादि का आयोजन किया गया। बस्तर संभाग की 400 महिलाओं के लिए मार्केट प्लेस साक्षरता का दो दिवसीय आयोजन भी किया गया। इसी संदर्भ में विवि ने कंपनी अधिनियम 2013 के धारा 8 के तहत मिनिस्ट्री एवं कार्पोरेट अफेयर में एसएमकेवि इंक्यूवेशन एंड स्टार्टअप फाउंडेशन के नाम कंपनी भी रजिस्टर्ड कराई है। बस्तर क्षेत्र अपनी प्राकृतिक संपदा, जनजातीय संस्कृति और पारंपरिक कौशल के कारण विशिष्ट स्थान रखता है। यहां स्टार्टअप एवं उद्यमिता की संभावनाएं बहुआयामी हैं। यदि बस्तर में स्टार्टअप एवं उद्यमिता को प्रोत्साहित किया जाए, तो इसके दूरगामी सार्थक परिणाम आएंगे। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, पलायन में कमी आएगी तथा क्षेत्रीय विकास को गति मिलेगी। प्रेसवार्ता में प्रो. शरद नेमा, डाॅ. विनोद कुमार सोनी, डाॅ. सजीवन कुमार एवं स्वदेशी जागरण मंच के सदस्य उपस्थित थे।
