गोपाल स्पंज का चपका में शासकीय भूमि पर अवैध निर्माण: ग्रामीणों ने राज्यपाल के नाम सौंपा ज्ञापन
जगदलपुर। रायपुर के मेसर्स गोपाल स्पंज एंड पावर प्रा. लि. द्वारा बस्तर जिले की भानपुरी तहसील के ग्राम चपका में शासकीय भूमि पर औद्योगिक निर्माण का मामला गरमा गया है।ग्राम चपका के सैकड़ों ग्रामीणों ने राज्यपाल के नाम बस्तर तहसील कार्यालय में ज्ञापन सौंपकर निर्माण कार्य पर तत्काल रोक लगाने की मांग की।
ग्रामीणों के अनुसार कंपनी ने खसरा नंबर 162 की आबंटित शासकीय भूमि और घास भूमि पर कब्जा कर लिया है। साथ ही खसरा नं. 121/2, 121/3, 121/4, 167/2, 169, 170, 171/6, 172/2, 217, 162/15, 167/3, 168/1, 253/2, 253/3 की उपजाऊ कृषि भूमि पर बिना अनुमति पक्की चारदीवारी बनाई जा रही है।


ग्रामीणों ने ज्ञापन में बताया कि इन सभी खसरों की जमीन मारकंडी नदी और बोरिया नदी के संगम से मात्र 100 मीटर दूर हैं। अभी बिना दीवार के ही बाढ़ में पूरा क्षेत्र डूब जाता है। अगर पक्की चारदीवारी बन गई तो चपका समेत दर्जनों गांव बाढ़ के प्रवाह क्षेत्र में आ जाएंगे। हजारों एकड़ फसल और सैकड़ों घरों पर डूब का खतरा मंडराएगा।
पेसा कानून का उल्लंघन
बस्तर पांचवीं अनुसूचित क्षेत्र है। छत्तीसगढ़ पेसा नियम, ग्रामसभा चपका और ग्राम पंचायत से कोई अनुमति नहीं ली गई 12 अप्रैल 2021 की पर्यावरणीय जनसुनवाई में भी 22 ग्रामीणों ने प्लांट का विरोध किया था, 14 लोगों ने अनावेदकों का समर्थन किया था। ज्ञापन देने कई जनप्रतिनिधि, ग्राम पंचायत चपका के सरपंच, संघर्ष समिति के सदस्य और आसपास के गांवों के ग्रामीण बड़ी संख्या में तहसील कार्यालय पहुंचे थे। ज्ञापन में स्पष्ट लिखा है जब तक सभी बिंदुओं का निराकरण नहीं होता, खसरा नंबरों की भूमि पर हर तरह के औद्योगिक निर्माण पर रोक लगाई जाए।
