शिक्षा विभाग का नया राजपत्र अव्यवहारिक: संजय शर्मा
जगदलपुर। 13 फरवरी 2026 को शिक्षा विभाग का नवीन राजपत्र स्कूल शिक्षा विभाग छत्तीसगढ़ शासन द्वारा जारी किया गया है, इसके जारी होते ही इसमें शिक्षक संवर्ग को आगे बढ़ने के अवसर कम होने के कारण विरोध होना शुरू हो गया है। छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन ने इस पर कड़ा विरोध दर्ज कराया है।
छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष संजय शर्मा ने इस विषय पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि पूर्व के राजपत्र के अनुसार सहायक विकासखंड शिक्षा अधिकारी के पद पर प्रतिनियुक्ति के लिए वरिष्ट व्याख्याता एवं माध्यमिक शाला के प्रधान पाठक वेतनमान एवं रैंक में समान होने के तथा अनुभवी होने के कारण प्रतिनियुक्ति पर उन्हें सहायक विकासखंड शिक्षा अधिकारी पद पर पदस्थ किया जाता था।वर्तमान व्यवस्था में अनुभवी एवं वरिष्ठ व्याख्याता संवर्ग जिनकी संख्या 46883 है उनके अनुभव एवं वरिष्ठता को इसमें शामिल नहीं किया गया है, इसी प्रकार प्राचार्य संवर्ग सहायक संचालक प्रशासन एवं विकास खंड शिक्षा अधिकारी के समकक्ष वेतनमान रैंक तथा अनुभवी होने के कारण पूर्व राजपत्र 5 मार्च 2019 के अनुसार 75 प्रतिशत पदों पर प्राचार्य संवर्ग से बीईओ के पद पर प्रतिनियुक्ति प्रदान की जाती थी, परंतु वर्तमान में जारी राजपत्र के अनुसार 4560 प्राचार्य संवर्ग के लिए सिर्फ 25 प्रतिशत पदों पर बीईओ के पद पर प्रतिनियुक्ति करने का प्रावधान किया गया है जो की बहुसंख्यक व शिक्षक वर्ग के साथ नाइंसाफी है एवं उनको आगे बढ़ने से रोकने के लिए किया गया षड्यंत्र है। संजय शर्मा ने कहा है कि वर्तमान में विभाग द्वारा जारी नवीन राजपत्र में पुनः मात्र 268 के सेटअप में नियुक्त हुए सहायक विकासखंड शिक्षा अधिकारी से विकासखंड शिक्षा अधिकारी की पदोन्नति के लिए 75 प्रतिशत का कोटा निर्धारित किया गया है जो कि विभाग में वर्षों से कार्यरत अनुभवी वरिष्ठ प्रशासनिक रूप से दक्ष व्याख्याता तथा प्राचार्य संवर्ग स्वयं प्रशासकीय पद है इसके बाद भी प्रशासनिक पदों पर प्रतिनियुक्ति एवं पदोन्नति के अवसर को बाधित किया गया है।
अब शिक्षा विभाग में नियुक्त होने वाला व्याख्याता सिर्फ एक ही बार प्राचार्य पद पर पदोन्नति प्राप्त कर सकेगा, इसी प्रकार सेटअप में बहुसंख्यक प्राचार्य संवर्ग के लिए भी प्रतिनियुक्ति तथा पदोन्नति में आगे बढ़ाने के अवसर बन्द या अत्यंत सीमित कर दिए गए हैं, जबकि मात्र सैकड़ो की संख्या में नियुक्त सहायक विकासखंड शिक्षा अधिकारी से फिर विकासखंड शिक्षा अधिकारी सहायक संचालक प्रशासन तथा फिर आगे उपसंचालक/जिला शिक्षा अधिकारी जैसे महत्वपूर्ण पदों पर आगे बढ़ने का अवसर प्रदान किया जा रहा है जो कि वरिष्ठ व्याख्याता, प्राचार्य संवर्ग के अधिकारों पर कुठाराघात है, इससे बहुसंख्य शिक्षक संवर्ग का मनोबल गिर रहा है। छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन ने मांग है कि शिक्षा विभाग के अनुभवी व्याख्याताओं और माध्यमिक शालाओं के प्रधान पाठकों को पूर्व के राजपत्र के अनुसार सहायक विकासखंड शिक्षा अधिकारी एवं प्राचार्य को विकासखंड शिक्षा अधिकारी के पद पर पूर्व रेसियो से नियुक्ति दी जाए।
