प्रधानमंत्री ग्राम सड़क पर “मक्का- जाम”!
बकावंड। बस्तर जिले के विकासखंड बकावंड अंतर्गत ग्राम पंचायत सतोषा में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना की सड़क इन दिनों ग्रामीणों की सुविधा के बजाय “मक्का सुखाने के मैदान” में तब्दील हो गई है। सतोषा, चिकलपदर, गोटीगुड़ा और आसपास के कुछ बड़े किसानों द्वारा लगभग एक किलोमीटर तक सड़क पर मक्का
फैलाकर मार्ग को पूरी तरह अवरुद्ध कर दिया गया है।सड़क के दोनों किनारों पर लकड़ी और बांस लगाकर अस्थायी घेराबंदी कर दी गई है, जिससे आम लोगों, बाइक चालकों और चार पहिया वाहनों को आने जाने में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कई स्थानों पर सड़क पूरी तरह मक्का से ढकी दिखाई दे रही है।

ग्रामीणों का कहना है कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना का उद्देश्य गांवों को बेहतर सड़क सुविधा देकर आवागमन आसान बनाना था, लेकिन यहां सड़क को निजी उपयोग में लेकर खुलेआम कब्जा कर लिया गया है। ग्रामीणों ने सवाल उठाया कि आखिर इतनी लंबी दूरी तक सड़क घेरकर मक्का सुखाने की अनुमति किसने दी? स्थानीय लोगों का आरोप है कि यदि यही काम कोई गरीब या सामान्य ग्रामीण करता तो प्रशासन तत्काल कार्रवाई कर देता, लेकिन प्रभावशाली किसानों के मामले मे अधिकारी और जनप्रतिनिधि चुप्पी साधे हुए हैं। इससे जनप्रतिनिधियों की भूमिका पर भी सवाल उठने लगे हैं।ग्रामीणों ने इसे सड़क सुरक्षा के साथ सीधा खिलवाड़ बताया है। उनका कहना है कि रात के समय सड़क पर फैले मक्का और लगाए गए अस्थायी अवरोध किसी बड़े हादसे को न्योता दे सकते हैं। लगातार दुर्घटना की आशंका बनी हुई है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। अब बड़ा सवाल यह है कि क्या प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना की सड़क को निजी खेत और खलिहान की तरह इस्तेमाल करने वालों पर प्रशासन सख्त कार्रवाई करेगा, या फिर नियम केवल आम लोगों तक ही सीमित रहेंगे? ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से तत्काल जांच कर दोषियों पर कार्रवाई करने और सड़क को जल्द खाली कराने की मांग की है।
दिए हैं कार्रवाई के निर्देश
मामले की जानकारी मिलने के बाद संबंधित अधिकारियों को सड़क खाली कराने और जरूरी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। करपावंड थाना प्रभारी को भी कार्रवाई के लिए कहा है।
-मनीषवर्मा,
एसडीएम, बकावंड
