पर्यावरण संरक्षण के लिए बीईओ और एबीईओ की बेहतरीन कोशिश
जगदलपुर। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर विकासखंड शिक्षा कार्यालय जगदलपुर में पर्यावरण संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में प्रत्येक संकुल से एक-एक शिक्षक एंबेसडर के रूप में तथा सभी संकुल समन्वयकों एवं कार्यालय के समस्त कर्मचारियों की उपस्थिति रही। संगोष्ठी का मुख्य उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण एवं संवर्धन के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाना था।
कार्यक्रम में उपस्थित वक्ताओं ने पर्यावरण संरक्षण के महत्व पर अपने विचार व्यक्त किए तथा पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने के लिए आवश्यक उपायों पर विस्तार से चर्चा की। प्रत्येक संकुल से उपस्थित शिक्षक एंबेसडरों ने सीड बॉल निर्माण का प्रदर्शन कर सभी को प्रेरित किया। साथ ही प्रत्येक संकुल को कम से कम 500 सीड बॉल तैयार करने का लक्ष्य दिया गया, ताकि आगामी मानसून में इनके माध्यम से अधिक से अधिक पौधारोपण किया जा सके। सहायक विकासखंड शिक्षा अधिकारी राजेश गुप्ता ने अपने उद्बोधन में प्रकृति के प्रति संवेदनशील एवं उदार दृष्टिकोण अपनाने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि हमें प्रेरक की भूमिका निभाते हुए अधिक से अधिक पौधारोपण करना चाहिए तथा लगाए गए पौधों के संरक्षण की जिम्मेदारी भी निभानी चाहिए। इसके पश्चात सीएमसी गोपाल सिंह नाग ने पर्यावरण संरक्षण में पौधों की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वर्तमान समय में बदलती परिस्थितियों और जलवायु परिवर्तन के दौर में पर्यावरण संरक्षण अत्यंत आवश्यक हो गया है। उन्होंने शासन द्वारा संचालित “एक पेड़ मां के नाम” अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर दिया तथा विद्यालय परिसरों एवं अन्य ऐसे स्थानों पर पौधारोपण करने का आह्वान किया जहां हरियाली की कमी है। उन्होंने अपने जन्मदिवस के अवसर पर उनके द्वारा लगाए गए लगभग 500 पौधों के संरक्षण का उदाहरण प्रस्तुत करते हुए प्रेरणादायक अनुभव साझा किए। कार्यक्रम में देवराज खुंटे ने कहा कि विकास की दौड़ में वृक्षों की कटाई एक गंभीर समस्या बनती जा रही है। उन्होंने अधिक से अधिक वृक्षारोपण एवं उनके संरक्षण के माध्यम से पर्यावरण को सुरक्षित रखने की आवश्यकता पर बल दिया।
ग्रीन स्कूल पर करें फोकस: दास
अंत में विकासखंड शिक्षा अधिकारी अनिल दास ने कहा कि यदि समय रहते पर्यावरण संरक्षण पर गंभीरता से ध्यान नहीं दिया गया, तो भविष्य में परिस्थितियां और भी चुनौतीपूर्ण हो सकती हैं। उन्होंने कोविड-19 महामारी के दौरान ऑक्सीजन की कमी का उदाहरण देते हुए बताया कि प्रकृति के संरक्षण का महत्व कितना अधिक है। साथ ही उन्होंने भूजल स्तर में लगातार आ रही गिरावट पर चिंता व्यक्त की और सभी से जल संरक्षण, प्लास्टिक के कम उपयोग तथा अधिकाधिक वृक्षारोपण का संकल्प लेने का आह्वान किया। श्री दास ने कहा कि प्रत्येक विद्यालय को “ग्रीन स्कूल” के रूप में विकसित करना हमारा सामूहिक दायित्व है। संगोष्ठी के उपरांत कार्यालय परिसर में शिक्षिकाओं द्वारा वृक्षों पर रक्षासूत्र बांधकर वृक्षों की रक्षा एवं पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया गया। साथ ही कार्यालय परिसर में पौधारोपण कर यह संदेश दिया गया कि भविष्य में भी विभिन्न स्थानों पर ऐसे कार्यक्रम आयोजित कर समाज के समक्ष प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत किए जाएंगे।कार्यक्रम में विकासखंड जगदलपुर के खंड शिक्षा अधिकारी अनिल दास, सहायक विकासखंड शिक्षा अधिकारी राजेश गुप्ता, मंडल संयोजक दीपक मौर्य, गोपाल नाग समस्त संकुल शैक्षिक समन्यवयक,संकुल से आये शिक्षक,कार्यालय के समस्त स्टाफ मौजूद थे।
