जब शिक्षा सड़क पर हो और सत्ता ख़ामोश,तब सवाल तो उठेगा ही : अनवर खान
जगदलपुर। छत्तीसगढ़ राज्य मदरसा बोर्ड के पुर्व सदस्य व कांग्रेस नेता अनवर खान ने नई दिल्ली के जंतर मंतर में छात्रों पर हुए लाठी चार्ज की कड़े शब्दों में निंदा कर मोदी सरकार पर प्रहार किया है। उन्होंने कहा है कि जब शिक्षा सड़क पर हो और सत्ता खामोश तब सवाल सिर्फ एक आंदोलन का नही पूरे राष्ट्र की प्राथमिकताओं का होता है किसी देश की सबसे बड़ी ताकत उसकी इमारतें नहीं, बल्कि उसके युवाओं के सपने और उनका भविष्य होता है। जब छात्रों को किताबें छोड़कर अपने अधिकारों के लिए सड़कों पर उतरना पड़े, तो यह केवल शिक्षा का नहीं, बल्कि पूरे देश के भविष्य का सवाल बन जाता है।
कांग्रेस नेता अनवर खान ने कहा है कि युवाओं की आवाज़ सुनना, उनके सपनों को सम्मान देना और उन्हें बेहतर अवसर देना ही एक मजबूत और विकसित राष्ट्र की पहचान है जिसे पूरा करने में मोदी सरकार पूरी तरह फेल हो चुकी है। श्री खान ने कहा कि इतिहास हमेशा बड़ी-बड़ी इमारतों, भाषणों और फ़ैसलों में दर्ज नहीं होता, कभी-कभी वह ज़मीन पर छूटे हुए जूतों में भी लिखा जाता है, क्योंकि जूते कभी अपने आप नहीं छूटते. वे तब छूटते हैं, जब हालात इंसान को पलटकर देखने की मोहलत भी नहीं देते। ये जूते उन पैरों के हैं, जो घर से निकले थे। बेहतर कल की उम्मीद में, लेकिन लौटते वक़्त कई लोगों के पैरों में जूते नहीं थे और उम्मीद? लाठी चली, लोग भागे, जूते-चप्पल रह गए। हम नहीं जानते इनमें से कौन-सी जोड़ी किसकी है, लेकिन इतना ज़रूर जानते हैं कि इस देश में हर किसी के लिए जूते छोड़कर चले जाना आसान नहीं होता। इन चप्पलों का यूं छूट जाना सिर्फ़ एक सामान का छूट जाना नहीं है, ये उस अफरातफरी की तस्वीर है जहां किसी को अपने जूतों से ज़्यादा अपनी सांसों की फिक्र थी। आज ये सब जंतर-मंतर की ज़मीन पर रखे हैं। ये सिर्फ़ इस बात की गवाह हैं कि उस दिन वहां लोग थे जो अपने-अपने घरों से निकले थे हक़ मांगने। इन जूतों का कोई नाम नहीं है लेकिन हर जोड़ी के पीछे एक चेहरा है। एक घर, एक परिवार, एक इंतज़ार है और शायद एक सपना भी। अनवर खान ने कहा लश्कर भी तुम्हारा, सरदार भी तुम्हारा, तुम झूठ को सच लिख दो अखबार भी तुम्हारा, इस दौर के फरियादी जाएं तो कहां जाएं, कानून तुम्हारा, दरबार भी तुम्हारा” इतना मत डराओ कि लोग डरना छोड़ दें। अगर छात्रों की आवाज उठाना सियासत है तो हम ऐसी सियासत करते रहेंगे। छात्रों की मांगें तत्काल पूरी हो उनके भविष्य और न्याय से कोई समझौता न हो। देश का छात्र आज कांग्रेस के साथ मजबूती से खड़ा है, क्योंकि यह लड़ाई केवल नीट या किसी एक परीक्षा की नहीं, बल्कि करोड़ों युवाओं के भविष्य, समान अवसर और न्याय की लड़ाई है।
