देशभक्ति के साथ मानवीय संवेदना की झलक भी दिखा रही है मंत्री केदार कश्यप की बस्तर तिरंगा यात्रा
-अर्जुन झा-
जगदलपुर। वन मंत्री केदार कश्यप द्वारा निकाली गई बस्तर तिरंगा यात्रा रोज नया इतिहास गढ़ रही है। यात्रा के जरिए मंत्री श्री कश्यप सुदूर गांवों के लोगों के बीच न सिर्फ देशभक्ति और राष्ट्र प्रेम की अलख जगा रहे हैं, बल्कि मानवीय संवेदना का शानदार उदाहरण भी पेश कर रहे हैं। इसकी एक झलक तब देखने को मिली जब बस्तर तिरंगा यात्रा के दौरान वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप बस्तर संभाग अंतर्गत बीजापुर जिले के ग्राम मुरकीनार पहुंचे। माहौल उस समय अश्रुमय हो गया, जब श्री कश्यप शहीदों के परिवारों से मिले। गम और गर्व की मिश्रित भावनाओं से लबरेज परिजन और कुछ पल के लिए मूक से हो गए मंत्री केदार कश्यप। मंत्री श्री कश्यप ने कहा आपके परिवारों के सपूतों ने बस्तर में शांति स्थापना के लिए जो बलिदान दिया है उसके लिए पूरा बस्तर, छत्तीसगढ़ और देश हमेशा ऋणी रहेगा। यह ऋण कभी चुकाया नहीं जा सकता, मगर राज्य और केंद्र की हमारी सरकारें सदैव आपके साथ खड़ी रहेंगी।
आजादी के पर्व से पहले बस्तर की धरती राष्ट्रभक्ति और तिरंगे के रंग में रंगी नजर आई। बस्तर तिरंगा यात्रा के तीसरे दिन वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप ने बीजापुर में मातृभूमि की रक्षा के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर जवानों को नमन करते हुए कहा कि शहीदों का त्याग और तिरंगे का सम्मान हमें राष्ट्र के प्रति अपने कर्तव्यों का निरंतर स्मरण कराता है। मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदीजी ने तिरंगे को जनभागीदारी और राष्ट्र गौरव से जोड़कर देशवासियों में राष्ट्रप्रेम की भावना को और सशक्त किया है। ‘हर घर तिरंगा’ का आह्वान आज एक जन-आंदोलन का स्वरूप ले चुका है। इसी भावना को लेकर बस्तर तिरंगा यात्रा गांव-गांव तक पहुंच रही है और विशेष रूप से युवाओं को उन वीर जवानों के बलिदान से जोड़ रही है, जिनके साहस के कारण आज बस्तर शांति, सुरक्षा और विकास की नई दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी जी के विकसित भारत के विजन में बस्तर की भी महत्वपूर्ण भूमिका है। कभी नक्सल हिंसा और भय के कारण चर्चा में रहने वाला बस्तर आज तिरंगे के साथ शांति, विश्वास और विकास की नई पहचान गढ़ रहा है। बस्तर के अंतिम छोर तक राष्ट्रभावना और विकास का विश्वास पहुंचाना इस यात्रा का प्रमुख संदेश है।
यात्रा के तीसरे दिन सांस्कृतिक भवन मैदान बीजापुर से बाइक रैली निकाली गई। टी-पॉइंट शहीद द्वार पर अमर शहीदों को श्रद्धांजलि दी गई। ग्राम मुरकीनार में ‘एक पेड़ शहीद के नाम’ के तहत वृक्षारोपण एवं शहीद परिवारों से आत्मीय मुलाकात की गई। आवापल्ली में पुष्पांजलि अर्पित कर लोगों से चर्चा की। श्री कश्यप ने उसूर में शहीद परिवारों व स्थानीय जनता से संवाद, ग्राम नंबी में स्थानीय कार्यकर्ताओं के साथ सहभोज तथा ताड़पाला बेस कैंप का अवलोकन किया।
मुरकीनार में वर्ष 2006 के कैंप हमले में सर्वोच्च बलिदान देने वाले 11 अमर शहीदों को याद करते हुए मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि बस्तर की शांति के लिए हमारे जवानों ने अपने प्राणों की आहुति दी है। उनके बलिदान को केवल स्मरण करना ही नहीं, बल्कि उनके परिवारों के साथ खड़े रहना भी हमारा दायित्व है। हमारे शहीदों का परिवार, हमारा अपना परिवार है। उनका सम्मान और उनके प्रति कृतज्ञता सदैव हमारी प्राथमिकता रहेगी। यात्रा के दौरान मंत्री श्री कश्यप छत्तीसगढ़ पुलिस के साइबर जागृति अभियान से भी जुड़े और लोगों से साइबर अपराधों के प्रति सजग रहने का आह्वान किया। उन्होंने साइबर ठगी की स्थिति में तत्काल राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत करने की अपील की। मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि बस्तर तिरंगा यात्रा राष्ट्र के स्वाभिमान, शहीदों के सम्मान और नए बस्तर के संकल्प की यात्रा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में राष्ट्र प्रथम की भावना के साथ देश विकसित भारत की ओर बढ़ रहा है। उसी संकल्प के साथ हमारा बस्तर भी हिंसा के अंधकार से निकलकर शांति, विश्वास और विकास के नए युग की ओर आगे बढ़ रहा है। आज बस्तर के गांवों में गर्व से लहराता तिरंगा इसी परिवर्तन का प्रतीक है।
