खाता बटवारे के लिए तीन साल से भटक रहा किसान
जगदलपुर। बस्तर नगर पंचायत अंतर्गत परचनपाल निवासी किसान रितेश कुमार पांडेय बीते तीन सालों से भूमि खाता बंटवारे के लिए तहसील दफ्तर का चक्कर काट रहा है। तहसीलदार बस्तर की ओर से मामले का निराकरण नहीं होने से क्षुब्ध किसान ने बुधवार को कलेक्टर बस्तर को दिए गए सूचना पत्र में 10 दिनों में निराकरण नहीं होने पर कलेक्ट्रेट परिसर के समक्ष आमरण अनशन शुरू करने की बात कही है।
पीड़ित किसान रितेश पांडे ने बताया कि ग्राम परचनपाल में उसके व बड़े भाई के सयुंक्त नाम से कृषि भूमि राजस्व अभिलेख मे दर्ज है। आपसी सहमति से उक्त भूमि का बंटवारा किए जाने के लिए उन्होंने 2023 में तहसील दफ्तर में आवेदन किया था। तहसीलदार द्वारा बिना समंस तामिली करवाए राजस्व न्यायालय मे प्रकरण चलाया गया और बाद में प्रकरण को नस्तीबद्ध भी कर दिया गया। इसके बाद पुनः तहसीलदार के मौखिक निर्देश पर पटवारी के माध्यम से बंटवारा हेतु आवेदन दिया था। इसके बाद से ही हल्का पटवारी टालमटोल करता आ रहा है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बीते वर्ष राजस्व विभाग के कामकाज को लेकर कड़ी फटकार लगाई थी। साथ ही ग्राम चौपाल के माध्यम से किसानों की समस्याओं का त्वरित निराकरण करने के निर्देश दिए थे। राज्य सरकार द्वारा समय सीमा में किसानों की समस्याओं के निराकरण किए जाने आदेशित किया गया है, इसके बावजूद सीमांकन नामांतरण खाता बटवारा जैसे राजस्व कार्य सालों से लंबित हैं। विभाग के कामकाज को लेकर किसानों में लगातार आक्रोश पनप रहा है।
