वनांचल की 101 गर्भवती महिलाओं की हुई निःशुल्क सोनोग्राफी जांच

कवर्धा,,,5 जुलाई 2026। वनांचल एवं दूरस्थ क्षेत्रों की गर्भवती महिलाओं को विशेषज्ञ स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा के निर्देशानुसार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बोड़ला में निःशुल्क सोनोग्राफी एवं स्वास्थ्य जांच शिविर आयोजित किया गया। शिविर में 101 गर्भवती महिलाओं की निःशुल्क सोनोग्राफी एवं स्वास्थ्य जांच कर हाई-रिस्क गर्भावस्था की समय पर पहचान, आवश्यक चिकित्सकीय परामर्श और उपचार सुनिश्चित किया गया। यह पहल मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य को सुदृढ़ बनाने के साथ ग्रामीण एवं वनांचल क्षेत्रों की महिलाओं को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में प्रभावी कदम सुनिश्चित हुआ।

शिविर के दौरान चिकित्सकों ने गर्भवती महिलाओं को संतुलित पोषण, एनीमिया की रोकथाम, नियमित प्रसव पूर्व जांच तथा संस्थागत प्रसव के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी। सभी महिलाओं को आवश्यक दवाइयां, चिकित्सकीय परामर्श एवं जरूरत के अनुसार उपचार भी उपलब्ध कराया गया, जिससे दूरस्थ क्षेत्रों की महिलाओं को स्थानीय स्तर पर गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिला। इस शिविर से बोड़ला, चिल्फी, रेंगाखार, तरेगांव, झलमला सहित वनांचल के अनेक गांवों की गर्भवती महिलाएं लाभान्वित हुईं। लाभान्वित ग्रामों में बोड़ला सेक्टर के मंडलाटोला, खरिया, बैरक एवं बोड़ला, पोड़ी सेक्टर के रामहेपुर, सारंगपुरकला, कुसुमघटा एवं पोड़ी तथा बैजलपुर सेक्टर के खंडसरा, भलपरी, मढ़ाडाबरी, मड़मढ़ा एवं बैजलपुर शामिल रहे। स्वास्थ्य सुविधाओं की सीमित उपलब्धता वाले इन क्षेत्रों में इस प्रकार के शिविर ग्रामीणों के लिए अत्यंत उपयोगी साबित हो रहे हैं।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. देवेंद्र तूरे ने बताया कि इस तरह के शिविर नियमित रूप से आयोजित किए जाएंगे, ताकि अधिक से अधिक गर्भवती महिलाओं की समय पर जांच सुनिश्चित की जा सके। वहीं, बीएमओ डॉ. पुरुषोत्तम राजपूत ने कहा कि सोनोग्राफी के माध्यम से हाई-रिस्क गर्भावस्था की प्रारंभिक पहचान होने से जटिलताओं को समय रहते नियंत्रित कर सुरक्षित मातृत्व सुनिश्चित किया जा सकता है। शिविर में स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. मंजूषा यादव ने सभी गर्भवती महिलाओं का स्वास्थ्य परीक्षण किया। उन्होंने बताया कि सोनोग्राफी के माध्यम से शिशु के विकास की निगरानी, गर्भावस्था एवं संभावित प्रसव तिथि की पुष्टि, प्लेसेंटा की स्थिति, अम्नियोटिक द्रव की जांच, जन्मजात विकृतियों की पहचान, प्लेसेंटा प्रीविया जैसी जटिलताओं का पता लगाने तथा एक से अधिक भ्रूण की जानकारी प्राप्त की जा सकती है। उन्होंने कहा कि यह जांच सुरक्षित मातृत्व एवं सुरक्षित प्रसव सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। ग्रामीणों ने इस जनहितकारी पहल के लिए राज्य सरकार एवं स्वास्थ्य विभाग का आभार व्यक्त किया। शिविर के सफल आयोजन में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बोड़ला के चिकित्सकों एवं स्वास्थ्य कर्मियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि अगला निःशुल्क सोनोग्राफी एवं स्वास्थ्य जांच शिविर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र रेंगाखार में आयोजित किया जाएगा।

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