मद्देड में गूंजा हर-हर महादेव, सात दिवसीय प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव का हुआ भव्य समापन
बीजापुर। मद्देड स्थित नव-निर्मित चंद्र मौलेश्वर महादेव मंदिर में 5 जुलाई से 11 जुलाई तक आयोजित सात दिवसीय प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव श्रद्धा, भक्ति और वैदिक परंपराओं के बीच संपन्न हो गया। पूरे सप्ताह मंदिर परिसर शिवमय वातावरण में डूबा रहा। प्रतिदिन रुद्राभिषेक, हवन, पूजन, धार्मिक अनुष्ठान और भजन-कीर्तन का आयोजन किया गया। अंतिम दिन हवन की पूर्णाहुति के साथ महोत्सव का विधिवत समापन हुआ।

महोत्सव की विशेषता यह रही कि बिलासपुर , उज्जैन, रीवा और कर्नाटक से आए 11 विद्वान आचार्यों ने वैदिक मंत्रोच्चार एवं शास्त्रोक्त विधि-विधान के साथ भगवान भोलेनाथ की प्राण प्रतिष्ठा कराई। आचार्यों के मार्गदर्शन में सभी धार्मिक अनुष्ठान संपन्न हुए, जिनमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर पुण्य लाभ प्राप्त किया।
पूरे आयोजन में यजमान के रूप में कंदकोरी श्रीनू एवं श्रीमती प्रभा, दिनेश सोनी एवं श्रीमती कुसमा सोनी तथा हेमंत तिवारी एवं श्रीमती कृष्णा तिवारी सातों दिन विधिवत पूजा-अर्चना में शामिल रहे। प्राण प्रतिष्ठा के पश्चात श्रद्धालुओं ने नव-स्थापित चंद्र मौलेश्वर महादेव के दर्शन कर परिवार, समाज और क्षेत्र की सुख-समृद्धि की कामना की।
10 जुलाई को विशाल महाभंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। वहीं कन्याओं एवं महिलाओं ने पारंपरिक वेशभूषा में भव्य कलश यात्रा निकालकर पूरे मद्देड क्षेत्र को भक्तिमय बना दिया। “हर-हर महादेव” और “बम-बम भोले” के जयघोष से पूरा वातावरण गूंज उठा।

इस धार्मिक आयोजन में केवल मद्देड और बीजापुर जिले के ही नहीं, बल्कि जगदलपुर, रायपुर, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र सहित विभिन्न स्थानों से भी बड़ी संख्या में शिवभक्त पहुंचे। दूर-दराज से आए श्रद्धालुओं ने मंदिर में दर्शन-पूजन कर आयोजन की भव्यता और व्यवस्थाओं की सराहना की।
आयोजन को सफल बनाने में करनम श्रीनिवास, एम. मिथलेश, हेमंत तिवारी, मंचरला शैलेष, के. धनंजय, आशीष भट्टड़, राहुल, एल्लल धनंजय, पी. सचिन, बी. सचिन तथा प्रसाद सहित अनेक युवाओं एवं श्रद्धालुओं ने सातों दिन सेवा भाव से अपनी जिम्मेदारियां निभाईं। वहीं एम. ज्योति, लवण्या सहित महिलाओं ने कलश यात्रा, पूजा व्यवस्था, प्रसाद वितरण एवं अन्य व्यवस्थाओं में सक्रिय सहयोग दिया।
महोत्सव के सफल समापन पर श्रद्धालुओं ने इसे क्षेत्र के लिए ऐतिहासिक एवं आध्यात्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण आयोजन बताया। उनका कहना है कि नव-निर्मित चंद्र मौलेश्वर महादेव मंदिर आने वाले समय में धार्मिक आस्था का प्रमुख केंद्र बनेगा, जहां दूर-दूर से श्रद्धालु भगवान भोलेनाथ के दर्शन के लिए पहुंचेंगे। पूरे आयोजन के दौरान श्रद्धा, भक्ति और सेवा का अद्भुत संगम देखने को मिला।
