गुरुकुल स्कूल के संचालक मंडल को भंग किया जाए और स्कूल के मान्यता रद्द किया जाए ।
कवर्धा,,,गुरुकुल पब्लिक स्कूल मामले को लेकर जिला कांग्रेस कमेटी कबीरधाम ने स्कूल प्रबंधन और प्रशासन पर तीखा हमला बोला है। जिला कांग्रेस अध्यक्ष नवीन जायसवाल ने कहा कि गंभीर मामले में स्कूल प्रबंधन के बयानों में विरोधाभास सामने आ रहा है। आखिर स्कूल प्रबंधन बार-बार अपना बयान क्यों बदल रहा है? किसे बचाने के लिए सच को दबाने की कोशिश की जा रही है? इसका जवाब स्कूल प्रबंधन को देना होगा।
उन्होंने कहा कि एक ओर दस्तावेजों में पिता बोल रहे हैं कि छोटी बच्ची स्कूल में पड़ती है और हॉस्टल में रहने की बात सामने आती है, वहीं दूसरी ओर स्कूल प्रबंधन मीडिया के सामने इससे अलग दावा कर रहा है। अगर दस्तावेज झूठे हैं तो स्कूल प्रबंधन उन्हें झूठा साबित करे और अगर दस्तावेज सही हैं तो फिर बयान बदलने का कारण बताए।
जिला अध्यक्ष के कहा कि आखिर एक साल बाद शपथ पत्र बनवाने की क्या जरूरत पड़ी । क्या अपने आप बचाने के लिए संचालक मंडल शपथ पत्र बनवाया है । शपथ पत्र में गवाह के हस्ताक्षर भी अलग अलग है ।
नवीन जायसवाल ने कहा कि बच्चों की सुरक्षा के मामले में स्कूल प्रबंधन की जिम्मेदारी से कोई भाग नहीं सकता। बच्ची की तबीयत खराब होने, उसके घर जाने और बाद की घटनाओं को लेकर स्कूल प्रबंधन, हॉस्टल वार्डन और संचालक मंडल की भूमिका की निष्पक्ष जांच जरूरी है। प्रशासन सिर्फ तमाशबीन बनकर नहीं रह सकता।
शहर कांग्रेस अध्यक्ष अशोक सिंह ठाकुर ने कहा कि सबसे बड़ा सवाल यह है कि बच्ची की स्वास्थ्य स्थिति को लेकर स्कूल प्रबंधन और हॉस्टल प्रशासन को कब जानकारी हुई? यदि जानकारी थी तो क्या तत्काल चिकित्सा सहायता दी गई? परिवार को कब सूचित किया गया? पुलिस या संबंधित विभाग को लिखित सूचना कब दी गई? इन सवालों से स्कूल प्रबंधन कब तक भागेगा?
शहर अध्यक्ष ने कहा कि नाबालिग का शपथ पत्र मान्य नहीं है । बच्ची नाबालिग है ।
उन्होंने कहा कि यदि जांच में यह साबित होता है कि संचालक मंडल ने जानबूझकर तथ्य छिपाए या मामले को दबाने का प्रयास किया, तो उसके खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए। स्कूल की प्रतिष्ठा बचाने से ज्यादा जरूरी बच्चों की सुरक्षा और कानून का सम्मान है।
कांग्रेस ने कबीरधाम कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और स्कूल प्रबंधन, संचालक मंडल तथा अन्य जिम्मेदार व्यक्तियों की भूमिका की जांच की जाए। दस्तावेजों और बयानों में यदि कोई विरोधाभास है तो उसकी भी जांच हो।
नवीन जायसवाल ने चेतावनी देते हुए कहा- प्रशासन अगर दबाव में काम करेगा या स्कूल प्रबंधन को बचाने की कोशिश करेगा तो कांग्रेस चुप नहीं बैठेगी। बच्चों की सुरक्षा से खिलवाड़ और सच को दबाने की कोशिश के खिलाफ सड़क से लेकर प्रशासन के दरवाजे तक संघर्ष किया जाएगा। जरूरत पड़ी तो कांग्रेस बड़ा जनआंदोलन खड़ा करेगी।
कांग्रेस का सवाल साफ है
सच क्या है?
बयान क्यों बदले?
जानकारी किसे थी?
जानकारी क्यों छिपाई गई?
और प्रशासन अब तक कार्रवाई क्यों नहीं कर रहा?
इन सवालों का जवाब कबीरधाम की जनता मांग रही है।
