सामुदायिक और सांस्कृतिक भवनों को व्यापार से मुक्त कराने की मांग, सीपीआई ने सौंपा ज्ञापन
बीजापुर – भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी सीपीआई जिला परिषद बीजापुर ने शहर के सार्वजनिक सामुदायिक एवं सांस्कृतिक भवनों में संचालित व्यावसायिक गतिविधियों को तत्काल बंद कराए जाने की मांग की है। इस संबंध में सीपीआई जिला सचिव कामरेड कमलेश झाड़ी के नेतृत्व में मुख्य नगर पालिका अधिकारी बीजापुर एवं पालिका परिषद अध्यक्ष के नाम ज्ञापन सौंपा गया।

सीपीआई ने ज्ञापन के माध्यम से मांग की है कि सार्वजनिक उपयोग के लिए निर्मित सामुदायिक भवन एवं सांस्कृतिक भवनों में संचालित पिक्चर हॉल, होटल और दुकानों को तत्काल बंद कराकर इन भवनों को निजी व्यावसायिक गतिविधियों से मुक्त किया जाए। पार्टी का कहना है कि सार्वजनिक संपत्तियों का उपयोग आम जनता की जरूरतों के लिए होना चाहिए।सीपीआई के अनुसार, बीजापुर जिला संविधान की पांचवीं अनुसूची के अंतर्गत आने वाला आदिवासी बहुल क्षेत्र है। यहां आम नागरिकों को शादी-विवाह, सामाजिक कार्यक्रम, बैठक एवं अन्य सार्वजनिक गतिविधियों के आयोजन के लिए सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से सामुदायिक एवं सांस्कृतिक भवनों का निर्माण किया गया था।पार्टी ने आरोप लगाया कि इन सार्वजनिक भवनों का लंबे समय से निजी व्यावसायिक गतिविधियों के लिए उपयोग किया जाना उचित नहीं है। सीपीआई ने प्रशासन से मांग की है कि मामले में तत्काल कार्रवाई करते हुए भवनों को व्यापारिक गतिविधियों से मुक्त कर आम जनता के उपयोग के लिए उपलब्ध कराया जाए।सीपीआई ने चेतावनी दी है कि यदि मांग पर शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई तो आने वाले दिनों में पार्टी द्वारा आंदोलन किया जाएगा। इसकी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।
