सरदार पटेल जयंती पर कासोली सीएएफ कैंप में एकता परेड
दंतेवाड़ा। लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती एवं राष्ट्रीय एकता दिवस के अवसर पर छत्तीसगढ़ पुलिस, प्रथम बटालियन छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल भिलाई की बी कंपनी कैंप कासोली में वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन एवं कंपनी कमांडर घनश्याम सिंह सेंगर के नेतृत्व में एकता परेड–2026 का आयोजन उत्साह एवं राष्ट्रभक्ति के वातावरण में किया गया। कार्यक्रम में क्षेत्रीय विधायक चैतराम अटामी विशेष रूप से शामिल हुए।
आयोजन के माध्यम से राष्ट्रीय एकता, अखंडता, सामाजिक समरसता और राष्ट्र के प्रति सामूहिक जिम्मेदारी का संदेश दिया गया।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक चैतराम अटामी ने कहा कि लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल का संपूर्ण जीवन राष्ट्र की एकता, अखंडता और राष्ट्रीय संकल्प का अनुपम उदाहरण है। उन्होंने अपनी अदम्य इच्छाशक्ति, दूरदर्शिता और दृढ़ नेतृत्व के बल पर देश की विभिन्न रियासतों को एक सूत्र में पिरोकर अखंड भारत के निर्माण में ऐतिहासिक भूमिका निभाई। श्री अटामी ने कहा कि राष्ट्रीय एकता दिवस हमें यह स्मरण कराता है कि भारत की वास्तविक शक्ति उसकी विविधता में निहित एकता है। हमारी भाषा, संस्कृति, परंपराएं और क्षेत्र अलग-अलग हो सकते हैं, लेकिन हमारी राष्ट्रीय पहचान एक है। देश की एकता और अखंडता की रक्षा करना केवल सुरक्षा बलों का ही नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का सामूहिक दायित्व है। विधायक श्री अटामी ने कहा कि ऐसे आयोजन सुरक्षा बलों और स्थानीय ग्रामीण समाज के बीच आपसी विश्वास, समन्वय एवं भाईचारे को मजबूत करने के साथ-साथ युवा पीढ़ी में राष्ट्रप्रेम, अनुशासन और सामाजिक सद्भाव की भावना विकसित करते हैं। उन्होंने सभी से सरदार पटेल के आदर्शों को आत्मसात कर राष्ट्र निर्माण में अपनी सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। इस अवसर पर कैंप कासोली के कंपनी कमांडर घनश्याम सिंह सेंगर ने कहा कि सरदार वल्लभभाई पटेल का जीवन हम सभी के लिए राष्ट्रसेवा, अनुशासन, दृढ़ इच्छाशक्ति और समर्पण की प्रेरणा है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय एकता केवल एक दिन मनाने का विषय नहीं, बल्कि इसे अपने विचारों, व्यवहार और जीवनशैली में आत्मसात करना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि देश की आंतरिक सुरक्षा, शांति और अखंडता बनाए रखने में सुरक्षा बलों की महत्वपूर्ण भूमिका है। जवानों के साथ-साथ समाज के प्रत्येक व्यक्ति को भी राष्ट्र की एकता और सामाजिक सद्भाव बनाए रखने में अपनी जिम्मेदारी निभानी चाहिए। उन्होंने उपस्थित ग्रामीणजनों एवं बच्चों को राष्ट्रप्रेम, आपसी भाईचारे और एकजुटता का संदेश दिया। राष्ट्रीय एकता दिवस के अवसर पर कैंप परिसर में वॉलीबॉल सहित विभिन्न खेलकूद प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। प्रतियोगिताओं में प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लेते हुए खेल भावना, अनुशासन और टीम भावना का परिचय दिया। इसके साथ ही रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुतियों ने आयोजन को और भी आकर्षक एवं यादगार बनाया। कार्यक्रम के पश्चात गुजरात से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यक्रम का लाइव प्रसारण उपस्थित जनप्रतिनिधियों, सुरक्षा बलों के जवानों एवं ग्रामीणजनों ने सामूहिक रूप से देखा और सुना।कार्यक्रम में वक्ताओं ने सरदार वल्लभभाई पटेल जी के ऐतिहासिक योगदान का स्मरण करते हुए कहा कि उन्होंने स्वतंत्र भारत की रियासतों का एकीकरण कर राष्ट्र की एकता को मजबूत आधार प्रदान किया। उनका जीवन आने वाली पीढ़ियों को राष्ट्रहित सर्वोपरि रखने, एकजुट होकर आगे बढ़ने और देश की अखंडता के प्रति सदैव समर्पित रहने की प्रेरणा देता रहेगा। बस्तर की वीरभूमि के लिए आज का दिन ऐतिहासिक गौरव और सम्मान का क्षण है। बस्तर फाइटर्स की महिला जवानों, डीआरजी के महिला एवं पुरुष जवानों, एसटीएफ तथा छत्तीसगढ़ पुलिस के जांबाज जवानों ने नक्सलवाद के विरुद्ध लंबे संघर्ष में अदम्य साहस, शौर्य, पराक्रम और कर्तव्यनिष्ठा का परिचय देते हुए बस्तर में शांति, सुरक्षा और विश्वास का वातावरण स्थापित करने तथा छत्तीसगढ़ को नक्सलमुक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इन जवानों के अथक परिश्रम, त्याग, समर्पण और साहसिक अभियानों ने बस्तर में शांति एवं विकास की नई राह प्रशस्त की है। राष्ट्रीय एकता दिवस के अवसर पर गुजरात के एकता नगर में आयोजित राष्ट्रीय समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी की गरिमामयी उपस्थिति में बस्तर फाइटर्स की महिला टीम, डीआरजी के महिला एवं पुरुष जवानों, एसटीएफ तथा छत्तीसगढ़ पुलिस की टीम द्वारा परेड का शानदार प्रदर्शन करना पूरे छत्तीसगढ़ प्रदेश, विशेषकर बस्तर अंचल के लिए अत्यंत गौरव और ऐतिहासिक सम्मान का विषय है। यह प्रदर्शन केवल एक परेड नहीं, बल्कि बस्तर के उन वीर जवानों के अदम्य साहस, संघर्ष, कर्तव्यनिष्ठा और राष्ट्र के प्रति अटूट समर्पण का राष्ट्रीय मंच पर सम्मान है, जिन्होंने कठिन परिस्थितियों में भी अपने कर्तव्य को सर्वोपरि रखा। आज बस्तर के यही जांबाज जवान राष्ट्रीय मंच पर छत्तीसगढ़ की शौर्यगाथा, बदलते बस्तर की तस्वीर और शांतिपूर्ण, सुरक्षित एवं विकसित बस्तर के संकल्प का गौरवपूर्ण प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। कार्यक्रम में बोसाराम अटामी, अभिमन्यु सोनी, सुधराम भास्कर, शकुंतला भास्कर, सत्यजीत सिंह चौहान, सुमीत सरकार, सुभद्रा नेगी, जशवीर नेगी, धर्मपाल मिश्रा एवं सरपंच शैलेश अटामी सहित सुरक्षा बलों के जवानों, क्षेत्र के गणमान्य नागरिकों, ग्रामीणों एवं नन्हे-मुन्ने बच्चों की उपस्थिति रही। कार्यक्रम का समापन राष्ट्र की एकता, अखंडता और सामाजिक सद्भाव को अक्षुण्ण बनाए रखने के सामूहिक संकल्प के साथ हुआ।
