किसानों के लिए आए सोलर उपकरणों को उड़ीसा में बेचने की साजिश का भंडाफोड़
बकावंड। ग्रामीणों ने सोलर पंप, प्लेटों और अन्य उपकरणों को उड़ीसा ले जा रहे एक पिकअप वाहन को पकड़ा है। कहा जा रहा है कि सोलर पंप, प्लेटें और उपकरण बकावंड विकासखंड के छिंदगांव के हैं। आरोप है कि इन्हे बेचने के लिए उड़ीसा ले जाया जा रहा था। मामले की सूचना एसडीएम को दे दी गई है।
छिंदगांव के ग्रामीणों पिकअप वाहन क्रमांक सीजी 17 एलए 7223 को सोलर पंपों, प्लेटों और उपकरणों के साथ पकड़ा है। आरोप है कि ये तमाम उपकरण उड़ीसा में बेचने के लिए ले जाए जा रहे थे। ग्रामीणों ने एसडीएम को सूचना देकर जांच की मांग की है। बस्तर जिले के बकावंड विकासखंड अंतर्गत छिंदगांव में सरकारी सोलर पंप योजना को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। ग्रामीणों के अनुसार शाम करीब 7 बजे एक पिकअप वाहन में सोलर पंप और संबंधित उपकरण लोड कर ले जाए जा रहे थे। संदेह होने पर ग्रामीणों ने वाहन को रोककर पूछताछ की।ग्रामीणों का आरोप है कि वाहन में मौजूद लोगों ने उपकरणों को उड़ीसा में बेचने के लिए ले जाने की बात स्वीकार की। इसके बाद ग्रामीणों ने तत्काल एसडीएम को सूचना दी। एसडीएम द्वारा थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराने के निर्देश दिए जाने की बात सामने आई है। पिकअप वाहन पर लोहे के पाइप और अन्य उपकरण रखे हुए हैं। हालांकि, इन उपकरणों की वास्तविक पहचान, संख्या, स्वामित्व और सरकारी योजना से संबंध की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। यदि किसानों को सरकारी अनुदान पर दिए गए सोलर पंपों को नियमों के विरुद्ध खरीदा-बेचा जा रहा है, तो यह गंभीर अनियमितता का मामला हो सकता है। प्रशासन को पता लगाना होगा कि उपकरण किन हितग्राहियों को आवंटित किए गए थे और वे खेतों से निकलकर पिकअप तक कैसे पहुंचे।वाहन पर लदे उपकरण किस योजना के तहत आवंटित किए गए थे?
क्या संबंधित सोलर पंप किसानों के नाम पर दर्ज हैं? क्या हितग्राहियों ने स्वेच्छा से उपकरण बेचे या किसी ने दबाव बनाया? क्या इस मामले में कोई बिचौलिया या संगठित गिरोह सक्रिय है?
क्या संबंधित विभाग ने आवंटित उपकरणों का भौतिक सत्यापन किया था? क्या उपकरणों को दूसरे राज्य में ले जाने की अनुमति थी? इन सभी बिंदुओं पर जांच जरूरी है।
ग्रामीणों ने की निष्पक्ष जांच की मांग
ग्रामीणों ने प्रशासन से पिकअप वाहन और उसमें रखे उपकरणों की नियमानुसार जांच, दस्तावेजों का सत्यापन तथा पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ एफआईआर सहित कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग भी की गई है। किसानों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए दी गई सरकारी सुविधा यदि दूसरे राज्य में बिक्री के लिए पहुंच रही है, तो इसकी जिम्मेदारी किसकी है? क्या संबंधित विभाग के पास आवंटित सोलर पंपों का रिकॉर्ड और भौतिक सत्यापन उपलब्ध है?
प्रशासनिक कार्रवाई का इंतजार
फिलहाल ग्रामीणों द्वारा लगाए गए आरोपों की आधिकारिक पुष्टि और प्रशासनिक कार्रवाई का इंतजार है। वाहन में लदे उपकरणों की जब्ती, आवंटन रिकॉर्ड की जांच और संबंधित पक्षों का बयान सामने आने के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी।
