बकावंड में पीएम आवास योजना को पलीता
बकावंड । प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के बकावंड विकासखंड के सैकड़ों हितग्राही परेशान हैं। सत्यापन और जियो टैगिंग कराए एक माह से अधिक समय बीत गया है, लेकिन आज तक एक भी हितग्राही के खाते में किस्त की राशि नहीं पहुंची है। विकासखंड की अधिकांश ग्राम पंचायतों में यही स्थिति है।
हितग्राहियों का कहना है कि आवास मित्र और पंचायत सचिव द्वारा योजना से जुड़ी सभी औपचारिकताएं पूरी करा ली गई हैं, इसके बाद भी जनपद और जिला स्तर से भुगतान अटका हुआ है।ग्रामीणों ने बताया कि उन्होंने उधारी में रेत, गिट्टी, सीमेंट और सरिया लेकर मकान का काम शुरू किया था। समय पर किस्त नहीं मिलने से निर्माण कार्य बीच में ही ठप पड़ गया है। कहीं नींव खोदकर छोड़ी है तो कहीं लिंटर के बाद काम बंद है। दुकानदारों के तकादे और मजदूरों के लौटने से गरीब परिवार और परेशान हो गए हैं। एक हितग्राही ने बताया, “हम गरीब आदमी हैं, जल्दी घर बनाना चाहते हैं ताकि परिवार को छत मिले, लेकिन किस्त नहीं मिलने से हिम्मत टूट रही है।”
लखेश्वर कश्यप ने उठाया मुद्दा
मामले को लेकर आदिवासी समाज के युवा जिला अध्यक्ष लखेश्वर कश्यप ने कहा कि “गरीब परिवारों को घर बनाने में बहुत दिक्कत होती है, बिना पैसे के आज के समय में कोई उधारी नहीं देता। प्रशासन से मांग है कि जल्द से जल्द किस्त जारी की जाए ताकि समय पर घर बन सके।पीएम आवास केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना है, लेकिन बकावंड में भुगतान में देरी से इसकी रफ्तार थम गई है। हितग्राहियों ने कलेक्टर और जिला पंचायत सीईओ से हस्तक्षेप कर के लंबित भुगतान जारी करने की मांग की है।
