नगरनार में लव जिहाद की कोशिश नाकाम
जगदलपुर। आज ग्राम पंचायत नगरनार में रहने वाले मुस्लिम युवक द्वारा हिंदू युवती को विवाह प्रस्ताव का मामला सामने आने के बाद विश्व हिंदू परिषद व बजरंग दल के सैकड़ों कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों के साथ ग्राम पंचायत नगरनार के ग्रामीणों द्वारा नगरनार ग्राम पंचायत कार्यालय के सामने विशेष बैठक कर इस मामले की कड़ी निंदा करते हुए भविष्य में ऐसी घटना न हो इसके लिए कार्ययोजना बनाने पर सभी की सहमति रही। लोगों ने प्रशासन से मांग की गई कि ऐसे विषयों को गंभीरता से लेते हुए कानून सम्मत उचित कार्रवाई की जाए।

मिली जानकारी के अनुसार नगरनार ग्राम पंचायत में रहने वाले मुस्लिम युवक मोहम्मद कलीम पिता मोहम्मद नासिर ने माफीनामा लिख कर स्वीकार किया है कि उसने एक हिंदू युवती को विवाह का प्रस्ताव भेजा था, जिसमें युवती को शादी का झांसा देने की बात कही गई है। जब यह बात युवती के घरवालों को पता चली, तो उन्होंने इस पर आपत्ति जताते हुए सूचना विश्व हिंदू परिषद व बजरंग दल के साथ सरपंच नगरनार को भी दी। जिसके बाद सभी ने नगरनार ग्राम पंचायत कार्यालय के सामने विशेष बैठक कर युवक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। ग्रामीणों के विरोध व परिषद के भय से मोहम्मद कलीम ने माफीनामा सरपंच के नाम लिख कर दिया जिसमें विवाह प्रस्ताव की बात स्वीकार करते हुए बड़ों की समझाइश व ग्राम में सामाजिक वातावरण के साथ शांति व्यवस्था बनी रहे और सामाजिक सद्भाव बना रहे का हवाला देते विवाह प्रस्ताव को त्यागते हुए उक्त युवती से किसी भी प्रकार के संबंध नहीं रखने की बात कही गई। अतः इस बात को यही समाप्त किया जाए और गांव में किसी भी प्रकार की तनाव की स्थिति न बने। इस मामले पर विश्व हिंदू परिषद के प्रांत सह मंत्री रवि ब्रह्मचारी ने कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि किसी भी परिस्थिति में बहन बेटियों के साथ किसी भी प्रकार के धर्मांतरण, लव जिहाद जैसे मामलों को गंभीरता से लेते है ऐसे मामलों में विश्व हिंदू परिषद पीड़ित के साथ सदैव रहेगा। भविष्य में ऐसी किसी भी घटना का प्रतिकार करने की क्षमता विहिप में है। प्रशासन को इस मामले को गंभीरता से लेना चाहिए। इस अवसर पर नगरनार के सरपंच रेनू राम बघेल, पंच घनश्याम सेठिया, मन्नू बघेल, परमानंद, देवी नारायण, बलि सेठिया, प्रीतम ठाकुर, क्षेत्र के जनप्रतिनिधि हरि साहू, अर्जुन सेठिया, विश्व हिंदू परिषद से घनश्याम नाग, विष्णु ठाकुर, प्रतीक गुरु, भवानी सिंह, सुरेंद्र तिवारी, अनिल सेठिया, बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थि रहे।
