दीपा सागर मृत्यु मामला: पांच सदस्यीय टीम करेगी जांच, पीएम रिपोर्ट में हैंगिंग से मौत का उल्लेख

जगदलपुर। शहर के बाफना लाइफस्टाइल कपड़ा दुकान में कार्यरत युवती दीपा सागर की मौत के मामले में पुलिस ने जांच का दायरा बढ़ाते हुए पांच सदस्यीय विशेष टीम गठित की है। सीएसपी अंशिका जैन आईपीएस के नेतृत्व में गठित टीम मामले के प्रत्येक पहलू की बारीकी से जांच कर रही है। इधर, मेडिकल कॉलेज डिमरापाल से प्राप्त पोस्टमार्टम रिपोर्ट में युवती की मृत्यु का कारण हैंगिंग (फांसी) बताया गया है। रिपोर्ट में शरीर पर किसी प्रकार की आंतरिक चोट नहीं होने तथा लिगेचर मार्क पाए जाने का उल्लेख किया गया है।

पुलिस के अनुसार, 2 नवंबर 2026 को कोतवाली थाना क्षेत्र अंतर्गत बाफना लाइफस्टाइल दुकान की छत पर युवती का शव मिलने के बाद मर्ग क्रमांक 70/26 धारा 194 बीएनएसएस के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई थी। परिजनों ने बताया कि दीपा 1 नवंबर को रोजाना की तरह दुकान में काम करने गई थी, लेकिन शाम करीब 6 से 6:30 बजे के बाद वह दुकान से कहीं चली गई। बाद में उसका शव दुकान की छत पर मिला।

घटना की गंभीरता को देखते हुए गठित जांच टीम में थाना प्रभारी कोतवाली लीलाधर राठौर, साइबर प्रभारी सागर पाठक, एसआई रानी सोनी, एएसआई सतीश यादव और महिला प्रधान आरक्षक उमा भगत को शामिल किया गया है।

जांच के दौरान पुलिस और फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (एफएसएल) की टीम ने घटनास्थल का सूक्ष्म निरीक्षण किया। मौके की फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी भी कराई गई। परिजनों की उपस्थिति में पंचनामा कार्रवाई के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए मेडिकल कॉलेज डिमरापाल भेजा गया था।

पुलिस ने दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज की भी जांच की है। पुलिस के मुताबिक फुटेज में दीपा अकेले छत की ओर जाती दिखाई दे रही है। फुटेज परिजनों को भी दिखाए गए हैं। प्रारंभिक अवलोकन में कोई संदेहास्पद घटनाक्रम सामने नहीं आने की बात पुलिस ने कही है।

मामले में एक अहम साक्ष्य के रूप में पोस्टमार्टम के दौरान मृतिका की जेब से मिला सुसाइड नोट सामने आया है। पुलिस ने नोट को जब्त कर उसकी लिखावट और विषयवस्तु का परीक्षण शुरू कर दिया है। नोट में लिखी बातों की सत्यता और उससे जुड़े तथ्यों का विधिवत सत्यापन कराया जा रहा है। वहीं, मृतिका का मोबाइल फोन भी परिजनों से प्राप्त कर जब्त करने तथा फॉरेंसिक जांच कराने की प्रक्रिया की जा रही है। पुलिस ने मोबाइल नंबर का कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) भी प्राप्त किया है, जिसका विश्लेषण जारी है।

इसके अलावा दुकान और संबंधित भवन में कार्यरत कर्मचारियों सहित अन्य गवाहों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। पुलिस का कहना है कि मामले के सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच की जा रही है तथा साक्ष्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल सुसाइड नोट, मोबाइल की फॉरेंसिक जांच और अन्य परिस्थितियों का सत्यापन जांच के महत्वपूर्ण हिस्से हैं।

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