बीमा कंपनी देगी 15 लाख की दावा राशि और 10 हज़ार का जुर्माना

जगदलपुर :- जिला उपभोक्ता आयोग ने 28 अगस्त को एक प्रकरण में टाटा एआईजी जनरल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड के खिलाफ आवेदक को 15 लाख अदा करने, इस राशि पर 7 प्रतिशत ब्याज व वाद व्यय देने और 10 हजार रु. का जुर्माना भरने का आदेश पारित किया।
आवेदक विवेक नायक के बड़े भाई विशाल नायक के नाम पर एक रॉयल एनफील्ड मोटर साइकिल पंजीकृत थी। इसका बीमा टाटा एआईजी में कराया गया था। बीमा पॉलिसी में आवेदक नॉमिनी था। परिवादी के मृतक भाई द्वारा प्रीमियम अदाकर बीमा पॉलिसी प्राप्त की गई थी, जिसमें ओनर ड्राइवर का 15 लाख रुपए का बीमा प्राप्त कवर था। आवेदक के भाई की उक्त मोटर साइकिल दुर्घटना में मृत्यु होने पर उसके द्वारा बीमा कंपनी के समक्ष बीमा दावा प्रस्तुत किया गया था। बीमा कंपनी ने पालिसी को फर्जी बताते हुए दावे को निरस्त कर दिया था। इससे क्षुब्ध होकर आवेदक ने जिला उपभोक्ता आयोग के समक्ष शिकायत पेश की थी। इस पर सुनवाई करते हुए जिला उपभोक्ता आयोग ने माना कि बीमा पॉलिसी के जो दस्तावेज आवेदक को प्रदान किए गए थे, उसमें बीमा पॉलिसी का फर्जी होना दर्शित नहीं होता है, और यदि ऐसा था तो बीमा कंपनी द्वारा इसकी जानकारी सामने आने पर आवेदक के विरुद्ध विधि अनुसार कार्यवाही की जानी चाहिए थी। बीमा कंपनी बीमित राशि प्रदान करने से बचने के लिए इस प्रकार का अवलंबन ले रही है, जो स्वीकार किए जाने योग्य नहीं है। बीमा कंपनी को आदेशित किया गया कि वह आवेदक को बीमा दावे के 15 लाख रुपए का भुगतान 7 प्रतिशत ब्याज के साथ तथा वाद व्यय की राशि प्रदान करे और 10 हज़ार का अर्थदंड जमा करे।
जिला उपभोक्ता आयोग की अध्यक्ष सुजाता जायसवाल और सदस्य आलोक कुमार दुबे ने यह आदेश जारी किया है।

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