नक्सलमुक्त बस्तर में भालू तेंदुओं के बाद भ्रष्टाचारी भेड़ियों का कहर



अर्जुन झा-
जगदलपुर। हमारा प्यारा बस्तर नक्सलमुक्त तो हो गया है और तरक्की की राह पर भी चल पड़ा है। बंदूक की गोलियों, बम बारूद के धमाकों की गूंज थम गई है। मगर बस्तर के जंगलों में अब तेंदुओं, भालुओं, बाघों की दहाड़ सुनाई देने लगी है। जंगली जानवर इंसानों पर हमले भी करने लगे हैं। वहीं अब भ्रष्टाचारी भेड़िये भी सक्रिय हो गए हैं। इन भ्रष्टाचारी भेड़ियों के आतंक ने एक प्रधान पाठक की जान ले ली है। आरोप है कि शाला भवन निर्माण में जमकर भ्रष्टाचार किया गया और प्रधान पाठक पर शाला प्रबंधन के खाते से ठेकेदार को भुगतान करने के लिए प्रधान पाठक पर दबाव बनाया जा रहा था। दबाव और प्रताड़ना से परेशान होकर अंततः प्रधान पाठक ने फांसी लगाकर जान दे दी।


यह बेहद गंभीर और संवेदनशील मामला बस्तर संभाग के बीजापुर जिले से सामने आया है। बीजापुर जिले की प्राथमिक शाला मांझीपारा पालनार में पदस्थ प्रधान अध्यापक राजू पुजारी ने फांसी लगाकर कर आत्महत्या कर ली। जानकारी के अनुसार राजू पुजारी मूलतः चेरपाल के निवासी थे। शिक्षक से प्रधान पाठक पद पर पदोन्नति बाद उन्हें पालनार प्राथमिक शाला में पदस्थ किया गया था। पालनार में प्राथमिक शाला भवन का निर्माण कार्य चल रहा है। भवन निर्माण की राशि शाला प्रबंधन समिति के खाते से भुगतान करना था। बताया गया है कि प्रधान पाठक राजू पुजारी पर निर्माण कार्य का ठेकेदार देवाशीष मंडल, इंजीनियर शैलेष वासम व समग्र शिक्षा के एक एपीसी छबितेश डोगंरे द्वारा भुगतान करने दबाव बनाया जा रहा था। बगैर पूरा काम हुए राशि निकालने में राजू पुजारी ने मना कर दिया। इसके बाद उक्त तीनों लोगों ने श्री पुजारी को मानसिक रूप से प्रताड़ित करना शुरू कर दिया। मानसिक दबाव न झेल पाने के कारण प्रधान पाठक राजू पुजारी ने अपने घर दो किमी दूर जंगल में जाकर फांसी लगा ली। परिजनों ने बताया कि राजू पुजारी सुबह स्कूल के लिए निकले थे। दोपहर बाद घर न लौटने पर खोजबीन की गई। करीब 2 बजे राजू पुजारी जंगल में फांसी पर लटके पाए गए। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला हॉस्पीटल बीजापुर भेजा।

दोषी बख्शे न जाएं: विक्रम मंडावी
राजू पुजारी की मौत की खबर मिलते ही परिजन, तेलगा समाज और आदिवासी समाज के सैकड़ों महिला, पुरुष जिला अस्पताल पहुंच गए। इन लोगों ने श्री पुजारी की मौत के जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग करते हुए लगभग तीन घंटे तक जिला अस्पताल के सामने धरना प्रदर्शन किया। एसडीएम व थाना प्रभारी के लगातार समझाने के बाद भी परिजनों व समाज के लोगों ने भारी आक्रोश देखा गया। विधायक विक्रम मंडावी भी खबर मिलते ही अस्पताल पहुंचे और सारी जानकारी ली। विधायक विक्रम मंडावी ने कहा कि एक ईमानदार शिक्षक की आत्महत्या से साफ जाहिर होता है कि ठेकेदार, इंजीनियर और एपीसी ने उन्हें किस कदर मानसिक रूप से प्रताड़ित किया होगा। विधायक विक्रम मंडावी ने कहा कि इस मामले में पुलिस निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई करे।

सुसाइड नोट में टार्चर का जिक्र
पुलिस जांच में मृतक राजू पुजारी की जेब से पुलिस ने सुसाइड नोट बरामद किया है। सुसाइड नोट में मृतक राजू पुजारी ने मानसिक रूप से प्रताड़ना की बात कही है और प्रताड़ित करने वालों के नाम भी लिखे हैं। उन्होंने अपनी आत्महत्या के लिए ठेकेदार देवाशीष मंडल, इंजीनियर शैलेष वासम और एपीसी छबितेश डोंगरे को जिम्मेदार बताया है। परिजनों ने पुलिस से मिलकर घटना पर सूक्ष्मता से जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। बीजापुर कोतवाली के थाना प्रभारी दुर्गेश शर्मा ने कहा कि मामले की हर एंगल से और निष्पक्ष जांच की जा रही है। मामले में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ विधिसम्मत धाराओं में कार्रवाई की जाएगी।

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