किरण देव के विकास कार्यों को तबाह किया जतिन ने संजय


गंगामुंडा तालाब, चौपाटी, बस स्टैंड, तरणताल, शॉपिंग काम्प्लेक्स की हुई अनदेखी

जगदलपुर :- जिला भाजप कार्यालय में पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता और नगर निगम के नेता प्रतिपक्ष संजय पांडे ने प्रेसवार्ता कर जगदलपुर विधानसभा क्षेत्र के प्रत्याशी किरण देव के महापौर काल की उपलब्धियां और उसके पश्चात् कांग्रेस के प्रत्याशी जतिन जायसवाल के महापौर काल की असफलताओं को गिनाया।
संजय पांडे ने कहा कि कई योजनाओं को केंद्र की मनमोहन सिंह सरकार ने बंद कर दिया। वीर सावरकर सामुदायिक भवन, पुराने बस स्टैंड में व्यवसायिक कॉम्प्लेक्स निर्माण और बैलाकोठा शॉपिंग कॉम्पलेक्स का निर्माण फंड के अभाव में रोक दिया गया था। उन्हें तीन चार साल बाद पुनः शुरू करवाया, परंतु जतिन जायसवाल ने बतौर महापौर इन इमारतों के लिए कुछ भी अतिरिक्त न कर इन्हें जर्जर बनाने दलगत राजनीति की। इन इमारतों के प्रथम तल और द्वितीय तल की चौखट और वायर तक चोरों ने उखाड़ लिया। कुशाभाऊ ठाकरे नया बस स्टैंड का निर्माण में अतिरिक्त दुकानों से जो लाभ हुआ उससे टर्मिनल भवन बनाकर नए बस स्टैंड का निर्माण का किया। मात्र 20 लाख रुपए जुटाकर गंगामुंडा तालाब का सौंदर्यीकरण किया गया। तालाब के पानी को निकालकर वहां करीब डेढ़ मीटर सिल्ट निकाली गई। खनन कर जलकुंभी मुक्त किया गया । बेड बनाकर नया मार्ग बनाया गया, चौपाटी और पार्क बनाए गए, शानदार लाइटें लगाई गई। जतिन जायसवाल और वर्तमान महापौर ने दलगत राजनीति के चलते उन पर ध्यान नहीं दिया। फलतः गंगा मुंडा तालाब फिर से पुरानी अवस्था में लौट रहा है। गंगा मुंडा तालाब में भगवान शिव की प्रतिमा पर राजनीति हुई। संजय पांडे ने कहा है कि शिव मंदिर का निर्माण का भुगतान किरण देव के समयनहीं किया गया और तीन तीन कार्यपालन अभियंताओं की जांच रिपोर्ट में भी यह स्पष्ट हुआ कि जतिन जायसवाल के नेतृत्व में निगम ने वहां संधारण या उसकी देख रेख नहीं की। वहां लगी राड चुरा ली गई और प्रतिमा गिर गई। संजय पांडे ने कहा कि स्वीमिंग पूल, पार्क की चौपाटी स्वीमिंग पूल की चौपाटी, मा दंतेश्वरी मंदिर के सामने की चौपाटी व नगर गुड़ी निर्माण, मुक्तिधाम का सौंदर्यीकरण आज शहर की पहचान है। संजय बाज़ार में बेरोजगारों के लिए मुख्यमंत्री स्वावलंबन योजना से दुकानों का निर्माण और चौपाटी निर्माण कारण मात्र 16 हज़ार और 25 हजार रु. में इन दुकानों का आवंटन किया गया। वहीं जतिन जायसवाल और सफीरा साहू ने गरीब बेरोजगारों के लिए एक दुकान भी बनाना उचित नहीं समझा। नगर से समीपी गांवों को आवागमन सुविधा से जोड़ने के लिए 10 सिटी बसों का संचालन किया गया है।शहर में 13 स्टील निर्मित बस स्टॉप बनाए गए। जतिन जायसवाल ने अपने कार्यकाल इन सुविधाओं और निर्माण कार्यों, शहर की धरोहरों का संधारण करना तो दूर पूरा वक़्त इन्हें बर्बाद करने में लगाया। मेयर रहते जतिन ने एक भी ऐसा काम नहीं किया, जिसे उनकी उपलब्धि कहा जा सके। संजय पांडे ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना के बीएलसी घटक के तहत के 5 हजार आवासों के सर्वे के विरुद्ध मात्र 15 सौ आवास बनाए गए। वहीं एएसपी घटक के तहत ढाई हजार आवास बनने थे, मगर मात्र 288 आवास ही बनाए गए और जिन्हें आज तक लोगों को आवंटित नहीं किया जा सका है। बल्कि उसमें अवैध रूप से कांग्रेसी नेताओं के इशारे पर कब्ज़े कराए गए हैं। मोर आवास मोर चिन्हारी के तहत केंद्र से डेढ़ लाख रुपया लेकर राज्य मद से सवा दो लाख रु. लगाने थे, उसे हितग्राहियों के ऊपर डालकर उसकी क़ीमत हितग्राहियों से 3 लाख 25 हजार रु. लेने की योजना बनाई गई है। मुख्यमंत्री अब मकान बनाने का वादा तो कर रहे हैं पर यह नहीं बता रहे हैं कि उसमें राज्य का वो अंश राज्य उठाएगी कि उसे हितग्राहियों से वसूला जाएगा। पत्रवार्ता में जिलाध्यक्ष रूपसिंह मंडावी, वरिष्ठ नेता आनंद मोहन मिश्र, मीडिया प्रभारी आलोक अवस्थी, वेदप्रकाश पांडे, राजेंद्र बाजपेयी, पंकज आचार्य आदि उपस्थित थे ।

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