विजय शर्मा द्वारा अपमानित करने से किसान हुए आक्रोशित -विजय वैष्णव


कवर्धा,,,प्रकृति के संघात से खेलकर अपनी आजिविका चलाने वाले धरतीपुत्र का अपमान माफ करने योग्य नही है। ग्राम दलपुरवा विकास खण्ड कवर्धा गुरूवार कि शाम सार्वजनिक स्थान पर भाजपा प्रत्याशी द्वारा आयोजित बैठक मे किसानो द्वारा लगातार रासायनिक उर्वरक कि किमतो मे बेतहाशा वृद्धी को लेकर सवाल करने पर तुनककर संबोधन को छोड़कर किसान के उपर उत्तेजित होकर तेज आवाज मे किसान को घुड़काया, दबाया और उपस्थित भाजपाईयो ने मिलकर किसान के आवाज को दबाया यह साफ दिखाई दे रहा है आक्रोशित किसानो ने भाजपा प्रत्याशी के विरोध मे तुरंत अपनी प्रतिक्रियास्वरूप वहा अभी तो पावर मे नही हो तो इतना पावर मे आओगे तो कितना कहकर विरोध प्रदर्शन किए।

दो गुने हो चुका है उर्वरक के दाम – 2020 से लगातार उर्वरक के दाम मे वृद्धी हो रहा है यूरिया, डि ए पी ,पोटाश ,सिंगल सुपर फास्फेट सभी के दाम बहुत अधिक बढ़ गया 850रू का पोटाश 2000 मे मिलता है इस पर किसान को अपना पक्ष रखने से अपमानित करने वाले नेता भाजपा प्रत्याशी के प्रति जबरदस्त आक्रोश है भाजपा के प्रत्याशी से किसान हर मंच मे खाद कि किमत पर सवाल होगा
कर्ज माफी का झासा देकर वोट लेने के फिराक मे थे – भाजपा के प्रत्याशी भाजपा के मालिक बनकर दो लाख तक कर्ज माफी कि स्वयं घोषणा दो- चार दिन पहले किया है वह भाजपा के घोषणापत्र मे क्यो नही है इससे स्पष्ट है किसानो को बर्गलाकर , कर्ज माफी का झासा देकर वोट लेने के फिराक मे थे उक्त सभी कारणो से पुरे किसान भाई भाजपा के विरोध मे मतदान कर पुरा गुबार निकालना सुनिश्चित कर लिए है
किसी भी सत्ता को उखाड़ फेंकने का वजूद है किसानो मे– देश के आधे से अधिक जनता खेती करते हैं और हर चैथा मतदाता किसान हैं। आज देश में 12 करोड़ परिवार खेती पर निर्भर हैं। यह संख्या देश के कुल परिवारों का 48 फीसदी हैं। देश में कुल मतदान में 65 प्रतिशत हिस्सेदारी किसानों की होती हैं, जो किसी भी सत्ता को उखाड़ फेंकने का वजूद रखती हैं, इसलिए सभी राजनीतिक दल अपने भाषण के प्रारंभ और अंत में जय-जवान, जय-किसान का नारा लगाना नहीं भूलते।

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