डीएवी स्कूल प्रबंधन ने फीस के नाम पर रोकी टीसी



बकावंड विकासखंड बकावंड में संचालित डीएवी स्कूल के विद्यार्थियों के ट्रांसफर सर्टिफिकेट रोक दी गई हैं। बस शुल्क और अन्य फीस जमा न करने वाले विद्यार्थियों की टीसी जारी नहीं की जा रही है। इसके चलते विद्यार्थियों को अगली कक्षाओं और दूसरे स्कूलों में दाखिला नहीं मिल पा रहा है। वहीं दूसरी ओर जानकारी मिली है कि शासन द्वारा डीएवी स्कूलों के स्टॉफ का वेतन पिछले छह माह से जारी नहीं किया गया है।


बस्तर जिले में शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने और यहां के गरीब आदिवासी बच्चों को उत्कृष्ट शिक्षा दिलाने के लिए शासन ने डीएवी पब्लिक स्कूल समूह के साथ अनुबंध किया है। इस अनुबंध के तहत इन स्कूलों का नाम मुख्यमंत्री डीएवी पब्लिक स्कूल रखा गया है। लेकिन शासन से वित्तीय सहयोग प्राप्त इस स्कूलों में अब स्थानीय आदिवासी बच्चों का स्कूल प्रबंधन द्वारा अन्य अन्य माध्यमों से शोषण किया जा रहा है। कई प्रकार की फीस के अलावा स्कूल बस के नाम पर बच्चो से भारी भरकम वसूली की बात सामने आई है। साथ ही साथ फीस नहीं देने पर टीसी देने से मना किया जा रहा है। ग्राम पंचायत टलनार के किसान नरसिंह पुजारी ने बताया कि उन्हें और उनके ग्राम के कई बच्चों से बिना फीस दिए टीसी नहीं देने की शिकायत हमने जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में दी है। नरसिंह पुजारी ने कहा कि उनका बेटा दस साल से डीएवी स्कूल टलनार में पढ़ रहा है। नरसिंह का बेटा सन 2023 से खुद के वाहन से स्कूल जा रहा है। इसकी सूचना भी उन्होंने डीएवी स्कूल को दे दी है, फिर भी इस साल उनके बच्चे से बस फीस की जबरन वसूली की जा रही है।

नहीं भर रहे हैं फीस
पालक समय पर फीस जमा नहीं करते हैं, तब हमें ऐसे कठोर कदम उठाने पड़ते हैं।हम लोगों को भी करीब छः महीने से सैलरी नहीं मिली है। अगर छात्रों से फीस नहीं लेंगे तो स्कूल और हमारी स्थिति खराब हो जाएगी।
-श्री पांडेय, प्राचार्य, डीएवी स्कूल

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