बिजली कंपनी को वकील से पंगा लेना पड़ गया भारी,देना होगा सवा लाख की क्षतिपूर्ति और 10 हजार का जुर्माना
जगदलपुर :- एक वकील किसान से पंगा लेना बिजली कंपनी को भारी पड़ गया है।विद्युत कंपनी ने इस किसान को त्रुटिपूर्ण बिजली बिल भेजा और लाख मिन्नतें करने के बाद भी बिल में सुधार नहीं किया। बिल की रकम जमा न करने पर सिंचाई पंप का कनेक्शन काट दिया गया। सिंचाई न हो पाने से करीब सवा लाख रु. मूल्य की फसल तबाह हो गई। किसान को जिला उपभोक्ता आयोग ने इंसाफ दिलाया है। आयोग ने बिजली कंपनी को निर्देशित किया है कि वह पीड़ित किसान को क्षतिपूर्ति राशि के रूप में सवा लाख रुपए का भुगतान करे और दस हजार रुपए का जुर्माना भी अदा करे।
प्रकरण के तथ्य संक्षिप्त में इस प्रकार हैं कि जगदलपुर निवासी अधिवक्ता युगल किशोर तिवारी ने विद्युत विभाग से 3 एचपी पंप हेतु विद्युत कनेक्शन ले रखा था। एक दफे विद्युत विभाग द्वारा तिवारी को त्रुटिपूर्ण विद्युत भेज दिया गया। युगल किशोर तिवारी द्वारा इसकी शिकायत विभाग में की जाने के बाद भी सुधारकर बिल भेजने की बजाय विद्युत मंडल द्वारा आवेदक के पंप का विद्युत कनेक्शन काट दिया गया। उस समय तिवारी के खेत में फसल को सिंचाई की सख्त जरूरत थी। समय पर सिंचाई न हो पाने से आवेदक की करीब सवा लाख रुपए की फसल को नुकसान पहुंचा। तिवारी ने जिला उपभोक्ता आयोग में मामला दायर किया गया था। आयोग ने प्रकरण में सुनवाई करते हुए या माना है कि विद्युत विभाग द्वारा आवेदक को त्रुटिपूर्ण विद्युत बिल प्रदान किया गया था। आवेदक द्वारा विभाग को इस बारे में बताए जाने पर भी विद्युत कनेक्शन विच्छेद कर दिया गया। इससे आवेदक की लगभग सवा लाख रुपए की फसल का नुकसान हुआ है तथा साथ ही त्रुटिपूर्ण विद्युत बिल की राशि 15080/- के साथ विद्युत विभाग 10 हज़ार रु का जुर्माना भी आवेदक को अदा करेगा। जिला उपभोक्ता आयोग की अध्यक्ष सुजाता जायसवाल, सदस्य आलोक कुमार दुबे की संयुक्त खंडपीठ द्वारा उक्ताशय का आदेश जारी किया गया है।
