नक्सलियों के लिए आई नई सुबह, अब करने लगे हैं जिंदगी की नई शुरुआत


समाज की मुख्यधारा में लौटने लगे हैं नक्सली

कई सालों से थे सक्रिय, अब हो गया ह्रदय परिवर्तन

जगदलपुर (अर्जुन झा ):- नक्सलियों के लिए नई सुबह आ चुकी है, उनका ह्रदय परिवर्तन होने लगा है और अब वे अपनी जिंदगी की नई शुरुआत करने लगे हैं। लगातार नक्सली आत्मसमर्पण कर समाज की मुख्यधारा से जुड़ते चले जा रहे हैं। इसी कड़ी में सुकमा जिले के तीन और नामी नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है।
छत्तीसगढ़ में बस्तर संभाग नक्सलियों का गढ़ रहा है। संभाग के पिछड़ेपन का बड़ा कारण नक्सलवाद ही है। बस्तर के भोलेभाले ग्रामीण नक्सलियों के बहकावे में आकर उनका साथ देते रहे हैं। निरीह बस्तरिहा आदिवासियों को सामने कर नक्सली अपने मंसूबे पूरे करते आए हैं, मगर अब आदिवासी समुदाय जाग उठा है, नक्सलियों की मंशा को समझ चुका है। आदिवासी और दूसरे समुदायों के ग्रामीणों ने नक्सलियों का साथ देना बंद कर दिया है। बदलाव की यह बयार पुलिस, सुरक्षा बलों तथा पूर्ववर्ती और मौजूदा सरकार की जमीनी पहल के बूते बहने लगी है। हृदय परिवर्तन सिर्फ ग्रामीणों का ही नहीं हुआ है, बल्कि नक्सलियों का भी होने लगा है। यही वजह है कि बस्तर संभाग के सुकमा, नारायणपुर, दंतेवाड़ा, बीजापुर जैसे धुर नक्सल प्रभावित जिलों दिल को सुकून देने वाली खबरें लगातार आने लगी हैं। इन जिलों में सालों से सक्रिय रहे नक्सली तेजी से आत्मसमर्पण कर समाज की मुख्यधारा से जुड़ने लगे हैं। उनके लिए नई सुबह आ चुकी है और वे अपनी जिंदगी की नई शुरुआत कर रहे हैं। बस्तर संभाग के नक्सल ग्रस्त इलाकों में पुलिस ने पूना नरकोम अभियान चला रखा है। पूना नरकोम का अर्थ है – नई सुबह, नई शुरुआत। इसके साथ ही राज्य शासन ने भी नक्सलियों के लिए विशेष पुनर्वास नीति लागू की है। पूना नरकोम अभियान और पुर्नवास नीति के अच्छे नतीजे सामने आ रहे हैं। इनसे प्रभावित होकर नक्सली समर्पण करने लगे हैं। हाल ही में बस्तर संभाग के नारायणपुर जिले में कई नक्सलियों ने वहां के पुलिस अधीक्षक पुष्कर शर्मा के समक्ष आत्मसमर्पण किया था। अब सुकमा जिले में भी तीन नक्सलियों के आत्मसमर्पण की खबर आई है।

सुकमा से आई अच्छी खबर
सुकमा में पदस्थ बस्तर फाइटर के डीएसपी उत्तम प्रताप सिंह ने बताया कि नक्सल इलाकों में पूना नर्कोम अभियान के तहत नक्सलवाद से होने वाले नुकसान, शासन की योजनाओं और नक्सलियों की खोखली विचारधारा की जानकारी लोगों को दी जा रही है। इससे प्रभावित होकर तीनों नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है। श्री सिंह ने बताया कि ये नक्सली जिले के पोलमपल्ली थाना क्षेत्र में सक्रिय और कई नक्सली वरदातों में शामिल रहे हैं। ये लोग पिछले कई सालों से नक्सल संगठन में काम कर रहे थे। अब उन्होंने नक्सल संगठन से तौबा कर लिया है। आत्मसमर्पण करने वालों में नक्सली संगठन पिडमेल आरपीसी मिलिशिया के डिप्टी कमांडर मड़कम सुक्का और पिडमेल आरपीसी मिलिशिया सदस्यद्वय वंजाम सोमा व कवासी भीमा शामिल हैं। तीनों को प्रोत्साहन राशि दी गई और जल्द ही शासन की पुनर्वास नीति का लाभ भी दिया जाएगा।

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