बस्तर की दो आदिवासी युवतियों को तेलंगाना पुलिस ने किया गिरफ्तार
जगदलपुर। बस्तर :- संभाग की दो आदिवासी युवतियों को तेलंगाना पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। उनकी गिरफ्तारी नक्सली होने के शक में की गई है। युवतियां बस्तर संभाग के बीजापुर जिले की हैं। कहा जा रहा है कि दोनों युवतियां अन्य लोगों के साथ रोजी रोटी की तलाश में तेलंगाना गईं थीं। सर्व आदिवासी समाज ने इस मामले में मोर्चा खोल दिया है।
दो निर्दोष आदिवासी युवतियों को गिरफ्तार कर बंधक बनाने का आरोप सर्व आदिवासी समाज ने लगाया है। बीजापुर के गोंडवाना भवन में प्रेसवार्ता के दौरान सर्व आदिवासी समाज के अध्यक्ष और प्रतिनिधियों ने नक्सलियों के नाम पर तेलंगाना पुलिस पर दो आदिवासी युवतियों को गिरफ्तार कर बंधक बनाने का आरोप लगाया। आदिवासी समाज के अध्यक्ष अशोक तलांडी ने विधायक और पूर्व मंत्री पर भी आरोप लगाते हुए कहा है कि उन्होंने आदिवासियों के साथ हो रहे जुल्म के मामलों को लेकर कभी भी आवाज नहीं उठाई। जबकि यह मामला गंभीर है। सर्व आदिवासी समाज अध्यक्ष अशोक तलांडी ने बताया कि क्रास फायरिंग के नाम पर हो या नक्सलियों के नाम पर स्थानीय निर्दोष आदिवासियों को मारा जा रहा है। उन्हें पकड़ कर जेल भेज दिया जा रहा है। इसके बावजूद विधायक विक्रम मंडावी और भाजपा के नेता महेश गागड़ा खुद आदिवासी होते हुए भी चुप्पी साधे बैठे हैं। समाज के अध्यक्ष अशोक तलांडी व अन्य प्रतिनिधियों ने बताया कि 4 फरवरी को बीजापुर जिले के गंगालूर क्षेत्र के पदमुर गांव की दो युवतियां शांति गोंदे और लकी तेलम अपने गांव के लोगों के साथ मिर्ची तोड़ने का काम करने के लिए वेंकटापुरम तेलंगाना गई हुई थीं। इसके बाद 16 फरवरी को तेलंगाना पुलिस ने उन पर नक्सली होने का आरोप लगाते हुए उन्हें गिरफ्तार कर लिया। इसकी सूचना न तो परिजनों को दी गई और न ही बीजापुर पुलिस व जिला प्रशासन को इसकी जानकारी दी गई। कई दिन बाद नक्सली होने का आरोप लगाकर युवतियों को जेल भेज दिया गया। परिजनों ने समाज के लोगों को लिखित आवेदन कर दोनों युवतियों को तेलंगाना पुलिस पर बंधक बनाने का आरोप लगाया है। जानकारी के अनुसार दोनों युवतियां जिले में रोजी रोजगार के अभाव के चलते बीजापुर से पलायन कर रोजगार की तलाश में तेलंगाना गई थीं।
युवतियां को रिहा कराए सरकार
अशोक तलांडी का कहना है कि परिजन दोनों युवतियों की तलाश कर रहे हैं। परिजनों के परेशानियों के कारण समाज के प्रतिनिधि मंडल ने बीजापुर के एसपी और कलेक्टर से मिलकर दोनों युवतियों को निशर्त रिहा कराने तथा तेलंगाना से छुड़ाकर बीजापुर लाने व उनके परिजनों को सौंपने की गुहार लगाई है। समाज ने राज्य सरकार से भी युवतियों की रिहाई के लिए ठोस पहल करने की मांग की है। प्रेसवार्ता में अशोक तलांडी ने तेलंगाना पुलिस पर आरोप लगाया कि छत्तीसगढ़ में नक्सली बस्तर के नहीं बल्कि तेलंगाना के हैं। तेलंगाना पुलिस उन नक्सलियों को पकड़े। नक्सलियों के नाम पर बस्तर के निर्दोष आदिवासियों को गिरफ्तार न किया जाए।भविष्य में ऐसी फर्जी गिरफ्तारियां हुईं, तो आदिवासी समाज पुरजोर विरोध करेगा।
