प्रदेश में सत्ता-संरक्षण में हो रहा है अवैध रेत का अवैध कारोबार: दीपक बैज
जगदलपुर। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा है कि अवैध रेत खनन पर अधिकारी मूकदर्शक बने हैं, राजनांदगांव, धमतरी, महासमुंद के बरबसपुर में अवैध रेत खनन की भरमार है, समझ नहीं आ रहा है कि हम राजस्थान में हैं या फिर छत्तीसगढ़ में।पूरे अवैध रेत खनन कर शासन और प्रशासन के साथ मिलकर रेत बेची जा रही है।बरबसपुर में ढाई एकड़ नहीं बल्कि सौ एकड़ रकबे में रेत का उत्खनन हो रहा है। मैं तीन दिनों से रेत खदानों को देखने गया, तीन दिनों में हमने देखा अवैध रेत उत्खनन पुलिस, माइनिंग विभाग, प्रशासन के सानिध्य में चल रहा है, गंगाधर ही शक्तिमान है। अर्थात जिनको रेत खदान में भर्राशाही रोकने की जिम्मेदारी है, वहीं लोग अवैध उत्खनन करवा रहे हैं।
दीपक बैज ने कहा कि प्रदेश में खुलेआम अवैध शराब बिक रही है। बीजेपी विपक्ष में रहते हुए विशाल गंगाजल के सम्मान में भाजपा मैदान में, शराबबंदी के लिए गंगाजल यात्रा निकाली थी, आज यह सरकार गली गली शराब बेच रही है। अब तो मिलावट करके शराब बेची जा रही है। पूरे प्रदेश में नकली होलोग्राम चल रहा है, इस सरकार ने छत्तीसगढ़ को शराब का गढ़ बना दिया है, कौन है इसका जिम्मेदार, हम पूछना चाहते हैं सरकार अवैध शराब बिक्री रोकने ठोस उपाय क्यों नहीं कर रही है?
साजिश के तहत नहीं दे रहे खाद, बीज
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि बोआई का काम आखिरी चरण में है, फिर बियासी और रोपा किया जाएगा, लेकिन डीएपी और अन्य खाद की कमी लगातार बनी हुई है, हम इसलिए सोसायटी का घेराव करने वाले हैं, किसान नेताओं ने वीडियो जारी किया है कि, बीजेपी के विधायकों को गांव में घुसने नहीं देंगे, यदि घुसे तो बाहर नहीं निकलने देंगे, यह सरकार नहीं चाहती कि धान का उत्पादन बढे। किसान ज्यादा धान पैदा करें
ईरान में फंसे लोगों को लाएं वापस
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने मांग की है कि राज्य सरकार को गंभीरता से ईरान और इजराइल में फंसे छत्तीसगढ़ सहित देश के अन्य लोगों की वापसी के लिए प्रयास करे। डबल इंजन की सरकार है, केंद्र और राज्य को मिलकर इसके लिए प्रयास करना चाहिए।
नहीं हो रहा लखमा का इलाज
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा है कि कवासी लखमा को जानबूझकर जेल मे इलाज की सुविधा नहीं दी जा रही, वो कोई खूंखार अपराधी तो नहीं है, कांग्रेस नेताओं को षड्यंत्र पूर्वक जेल भेजने का काम कर रही यह सरकार, इसके बाद उनको जानबूझकर ईलाज उपलब्ध नहीं कराया जाता, उन्हें मानसिक रूप से टॉर्चर करने की कोशिश की जाती है।
