बस्तर जिले में शिक्षा व्यवस्था को और भी सुदृढ़ करने पर बल
जगदलपुर। बस्तर जिला पंचायत सभाकक्ष में जिला पंचायत उपाध्यक्ष एवं अध्यक्ष जिला शिक्षा समिति की अध्यक्षता में आयोजित जिला पंचायत शिक्षा समिति की बैठक के दौरान जिले के अंतर्गत शैक्षणिक व्यवस्था को सुदृढ़ करने पर बल दिया गया और शिक्षकों की नियमित उपस्थिति सहित बच्चों की पढ़ाई पर ध्यान केंद्रीत किए जाने के निर्देश दिए गए।
इस अवसर पर सभापति खेल एवं युवा कल्याण समिति वनवासी मौर्य, जिला पंचायत सदस्य ललिता कश्यप, शकुंतला कश्यप, बिंदु साहू एवं नीलिमा रवि सहित जिला पंचायत शिक्षा समिति के सदस्य सचिव डीईओ बीआर बघेल तथा शिक्षा समिति से सम्बंधित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। समिति के सदस्यों ने परीक्षा परिणाम को बेहतर बनाने के लिए पाठ्यक्रम की पढ़ाई के साथ ही अतिरिक्त कक्षाएं लगाने का सुझाव दिया। वहीं जिले में खेल के क्षेत्र में छात्र-छात्राओं को अधिक से अधिक अवसर उपलब्ध कराए जाने कहा गया। साथ ही लक्षित वर्ग के छात्र-छात्राओं को जाति प्रमाण पत्र प्रदाय में प्रगति लाने पर जोर दिया गया।
डीईओ बघेल ने दी “उल्लास” की जानकारी
इस मौके पर जिला शिक्षा अधिकारी बीआर बघेल ने उल्लास नवभारत साक्षरता कार्यक्रम की जानकारी देते हुए बताया कि उल्लास नवभारत साक्षरता कार्यक्रम अंतर्गत 15 वर्ष से अधिक उम्र के ऐसे महिला पुरुष जिन्होंने किसी कारण से औपचारिक शिक्षा प्राप्त नहीं की है, उन्हें शिक्षित किया जाता है। जिसमें कक्षा दसवीं एवं 12 वीं में अध्ययनरत विद्यार्थी यदि स्वयंसेवी के रूप में कार्य करते हैं तो उन्हें बोर्ड परीक्षा में 10 अंक बोनस के तौर पर प्रदान किया जाता है। इस दौरान बैठक में उपस्थित सभी सदस्यों और अधिकारियों द्वारा उल्लास नवभारत साक्षरता कार्यक्रम के तहत अधिक से अधिक असाक्षर ग्रामीणों को जोड़ने हेतु प्रेरित किए जाने का संकल्प लिया गया। बैठक में जिले के सभी बीईओ और बीआरसी भी उपस्थित थे।
