“धरती आबा योजना” पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन – जनपद पंचायत बकावंड में ‘दोस्त’ संस्था की पहल
बकावंड, आज दिनांक 28/07/2025 – जनपद पंचायत बकावंड के समरसता भवन में ‘दोस्त’ संस्था द्वारा “धरती आबा योजना” के तहत एक दिवसीय कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया। इस कार्यशाला में पंचायत प्रतिनिधियों, जनपद सदस्य, की सक्रिय भागीदारी रही।

यह कार्यशाला ग्रामीण समावेशी विकास के संदर्भ में धरती आबा योजना की गहराई से समझ, उसके क्रियान्वयन और ग्राम स्तर पर योजना निर्माण की प्रक्रिया को मजबूत करने हेतु आयोजित की गई थी। कार्यक्रम की अध्यक्षता महेंद्र कश्यप सामाजिक कार्यकर्ता द्वारा की गई तथा मुख्य अतिथि के रूप में सरपंच संघ उपाध्यक्ष सरपंच संघ सचिव संतोष, उपस्थित रहे।
कार्यशाला की शुरुआत स्वागत भाषण और योजना के उद्देश्यों की संक्षिप्त प्रस्तुति से हुई। ‘दोस्त’ संस्था के प्रतिनिधि ने बताया कि धरती आबा योजना का मुख्य उद्देश्य है – आदिवासी बहुल गांवों में समग्र विकास को गति देना और केंद्र व राज्य की विभिन्न योजनाओं का समन्वय करते हुए समुदाय के सशक्तिकरण को सुनिश्चित करना।
एक विशेष सत्र में योजना की संरचना, इसके चयन मानदंड (जैसे 50% से अधिक अनुसूचित जनजाति जनसंख्या वाले गांव, PVTG क्षेत्र, आकांक्षी जिले आदि), एवं इसमें शामिल 18 मंत्रालयों की 25 योजनाओं की जानकारी दी गई। प्रतिभागियों को बताया गया कि यह योजना प्रधानमंत्री जी के “सबका साथ, सबका विकास” दृष्टिकोण को धरातल पर उतारने का एक सशक्त माध्यम स्वास्थ्य, शिक्षा, महिला एवं बाल विकास, ग्रामीण विकास, आजीविका, जल जीवन मिशन, खाद्य सुरक्षा, कृषि व वानिकी से जुड़े अधिकारियों ने योजना से संबंधित पहलुओं पर विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि ग्राम सभा आधारित कार्य योजना कैसे बने, किस प्रकार योजनाओं का एकीकरण किया जाए और किस प्रकार पंचायत एवं विभागीय समन्वय से वांछित परिणाम हासिल किए जा सकते हैं।
‘विकास प्राथमिकताओं की पहचान’, ‘स्थानीय समस्याओं का समाधान’ तथा ‘योजना के तहत उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग’ जैसे विषयों पर मंथन कराया गया। इसके माध्यम से सभी ग्राम पंचायतों के प्रतिनिधियों ने अपने-अपने क्षेत्र की स्थिति पर प्रकाश डाला और स्थानीय समाधान सुझाए
कार्यशाला के अंत में ग्राम पंचायतों ने अपने पंचायत स्तर पर धरती आबा योजना के तहत प्राथमिकताओं के आधार पर सूचियाँ प्रस्तुत कीं। इनमें पोषण, पेयजल, स्वास्थ्य सुविधा, स्कूलों की दशा, सड़क संपर्क, स्वरोजगार, वन संसाधनों का उपयोग और जल संरक्षण जैसी महत्वपूर्ण योजनाओं को योजना बनाई गई
कार्यशाला का समापन जनपद सदस्य बंशी ‘दोस्त’ संस्था के प्रतिनिधियों द्वारा धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। उन्होंने सभी विभागों और पंचायत प्रतिनिधियों को भरोसा दिलाया कि संस्था आगे भी तकनीकी सहयोग, क्षमता निर्माण एवं फॉलो-अप गतिविधियों में भागीदार बनी रहेगी।
इस कार्यशाला के माध्यम से एक सकारात्मक संदेश गया कि धरती आबा योजना को यदि सही ढंग से जनसहभागिता और विभागीय समन्वय के साथ लागू किया जाए तो यह आदिवासी क्षेत्र में विकास की एक नई परिभाषा गढ़ सकती है। पंचायतों द्वारा की गई पहल और सहभागिता यह दर्शाती है कि स्थानीय नेतृत्व अब बदलाव के लिए तैयार है।
